मेरठ, 16 जनवरी (प्र)। आवास एवं विकास परिषद की शास्त्री नगर स्कीम नंबर -7 योजना के तहत सेंट्रल मार्केट को स्ट्रीट मार्केट घोषित कराने का व्यापारियों का मुद्दा लंबा खिंच सकता है। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना की ओर से इस मामले में दाखिल जन सूचना के जवाब में आवास विकास परिषद ने स्ट्रीट मार्केट के प्रस्ताव से इन्कार किया है। विभाग का कहना है कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। इतना ही नहीं, यह भी स्पष्ट किया है कि व्यापारियों से किसी भी तरह के आवेदन स्ट्रीट मार्केट के प्रस्ताव को लेकर नहीं लिए जा रहे हैं। दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में इस प्रकरण में शुक्रवार को सुनवाई होनी है।
सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवनों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए ध्वस्तीकरण का पहले ही आदेश दे दिया है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर आवासीय भवन 661/6 में बने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का ध्वस्तीकरण किया जा चुका है। ऐसे में दुकानदारों में बेचौनी है। व्यापारी क्षेत्र को स्ट्रीट मार्केट का दर्जा दिलाने को लगातार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। 26 दिसंबर को लखनऊ में हुई बोर्ड की 274वीं बैठक में सेंट्रल मार्केट को स्ट्रीट मार्केट घोषित करने संबंधी प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन इसका अनुमोदन तो दूर चर्चा तक नहीं हुई। इसके तहत 18 और 12 मीटर चौड़ी सड़कों पर दुकानों के लिए व्यापारियों ने स्ट्रीट मार्केट घोषित करने की मांग की थी। माना जा रहा है कि शमन के तहत मार्केट में ध्वस्तीकरण होगा, जिसमें छोटी-छोटी करीब सौ दुकानें पूरी तरह खत्म हो जाएंगी।
लोकेश खुराना की ओर से बाजार स्ट्रीट तथा सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ध्वस्तीकरण के आदेश के बावजूद कोई कार्रवाई न करने समेत कई बिंदुओं पर सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत आवास एवं विकास परिषद से जानकारी मांगी गई।
विभाग के जन सूचना अधिकारी तथा अधिशासी अभियंता अभिषेक राज ने जवाब में कहा है कि बाजार स्ट्रीट विकसित करने का कोई प्रावधान नहीं है। इसके अलावा व्यापारियों से आवेदन लेने के मामले की भी कोई तिथि निर्धारित नहीं है। उन्होंने पूरे मामले में विभाग की ओर से की जा रही किसी भी कार्रवाई से इनकार किया है। लोकेश खुराना ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में सेंट्रल मार्केट के मामले में आज सुनवाई प्रस्तावित है।
