मेरठ 16 मार्च (प्र)। मेरठ से प्रयागराज तक बने गंगा एक्सप्रेसवे का स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ ने प्रशासनिक अधिकारियों व यूपीडा के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की टेस्टिंग भी कराई। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे का लगभग काम पूरा हो चुका है। जल्द ही मुख्यमंत्री हरी झंडी दिखाकर इसका शुभारंभ कर सकते हैं।
रविवार दोपहर स्टेट ट्रांस फॉर्मेशन कमीशन के सीईओ व पूर्व मुख्य सचिव मनोज सिंह बिजौली से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस- वे का निरीक्षण करने पहुंचे। प्रशासनिक व यूपीडा के अधिकारियों ने उन्हें बुके देकर स्वागत किया। मनोज सिंह ने अधिकारियों के साथ खड़खड़ी में बने टोल प्लाजा पर पहुंच हाइवे किनारे पौधरोपण किया। गांव अटोला से आगे एक्सप्रेस-वे पर वाहन टैस्टिंग भी कराई। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे का काम लगभग पूर्ण हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हरी झंडी का इंतजार है। शीघ्र ही मुख्यमंत्री हाइवे का शुभारंभ कर हाइवे पर वाहनों का आवागमन शुरू कराएंगे। इस अवसर पर कमिश्नर भानु चंद गोस्वामी, डीएम डॉ. वीके सिंह, एडीएम ई सत्यप्रकाश, डीएम हापुड़ अभिषेक पांडेय, एसडीएम सदर दीक्षा जोशी, तहसीलदार रवि प्रजापति, यूपीडा से नोडल अधिकारी मोहित पाठक, आरके चौधरी अधिशासी अभियंता लखनऊ आरसी मोगा आदि मौजूद रहे।
गंगा एक्सप्रेसवे एक नजर में
एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा
मेरठ समेत 12 जिलों से होकर गुजर रहा है। एक्सप्रेसवे पर दो बड़ी नदियों गंगा और रामगंगा पर पुल बना दिए गए।
एक्सप्रेसवे पर 18 फ्लाईओवर और 8 रोड ओवर ब्रिज बने हैं।
एक्सप्रेसवे पर अधिकतम स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी।
गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए मेरठ से प्रयागराज की दूरी छह घंटे में पूरी हो जाएगी।
इसके निर्माण के लिए करीब 7 453 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया।
एक्सप्रेसवे का शिलान्यास 18 दिसंबर, 2021 को हुआ था।
निर्माण का अनुमानित खर्च 37,350 करोड़ रुपये।
एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारा भी बनाया जा रहा है।
एक्सप्रेसवे पर चार जगह लड़ाकू विमानों के लिए हवाई पट्टियां
गंगा एक्सप्रेसवे पर केवल वाहन ही नहीं दौड़ेंगे, बल्कि आपातकाल की स्थिति में लड़ाकू विमानों को भी उतारा जा सकेगा। इस एक्सप्रेसवे पर चार स्थानों पर लड़ाकू विमानों के उतरने के लिए हवाई पट्टियां बनाई जा रही हैं। इनमें से शाहजहांपुर के जलालाबाद में 3. किलोमीटर लंबी पट्टी तैयार कर दी गई है। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार की सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटे रखी जाएगी। तीसरे चरण के अधूरे काम को तेजी से पूरा किया जा रहा है। सीईओ ने यूपीडा की परियोजना क्रियान्वयन इकाई के परियोजना निदेशक राकेश मोघा और गंगा एक्सप्रेसवे की संचालन एजेंसी आईआरबी के मुख्य प्रबंधक अनूप सिंह से एक्सप्रेसवे की प्रगति की जानकारी जानी उन्होंने टोल पर बिना बैरियर के वाहनों के प्रवेश को लेकर अपनाई जा रही तकनीक को भी जाना।
टोल पर बिना रुके गुजरेंगे वाहन
गंगा एक्सप्रेसवे पर बिजली के निकट खड़खड़ी में बनाए गए टोल प्लाजा पर वाहनों का प्रवेश बिना वैरियर के ही होगी। यह एक अत्याधुनिक तकनीक है, जिसके तहत वाहनों को टोल प्रवेश के लिए रुकना नहीं पड़ेगा। यह जानकारी आईआरबी के मुख्य महाप्रबंधक अनूप सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में निकास के दौरान भी इसी प्रकार टोल कट जाएगा। इस नई व्यवस्था से गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी लाइन नहीं लगेगी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार ने निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी हापुड़ और अन्य अधिकारियों के काफिले के साथ गंगा एक्सप्रेसवे का बदायूँ तक निरीक्षण करने के लिए निकल गए।
औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा
मनोज कुमार ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे शीघ्र ही औद्योगिक गलियारा आकार लेता दिखेगा। इसके लिए काफी भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। विदेशी कंपनियां भी इस औद्योगिक गलियारे में यूनिट स्थापित करने के लिए आ रही हैं। आने वाले समय में यूपी उद्योग प्रदेश बन जाएगा। पूरा देश गंगा एक्सप्रेसवे किनारे बनने वाले औद्योगिक गलियारे की तरफ देखेगा। यह गलियारा प्रदेश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
