Wednesday, April 8

वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता मोहसिना किदवई का निधन, 2 बार मेरठ से रहीं सांसद

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मेरठ 08 अप्रैल (प्र)। मेरठ से 2 बार सांसद रहीं कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का बुधवार को 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। मोहसिना किदवई मेरठ की पहली और अबतक की अकेली महिला सांसद हैं। जिसने लगातार सत्ता संभाली हैं।
नोएडा के सेक्‍टर 40 स्थित आवास से मोहसिना किदवई की अंतिम यात्रा दोपहर 3 बजे निकलेगी। दिल्‍ली के निजामुद्दीन कब्रिस्‍तान में शाम पांच बजे उनको सुपुर्दे खाक किया जाएगा। इसको लेकर तैयारियां चल रही हैं।

साल 1980 और 1984 के चुनाव कांग्रेस के मोहसिना किदवई सांसद चुनी गईं। 1980 में उन्होंने जेएनपी एस के हरीश पाल को हराया था। 1984 में वे एलकेडी के मंजूर अहमद को हराकर सांसद बनीं। मोहसिना ने इस सीट पर परचम लहराया था।
उन्होंने हरीश पाल को 57,217 वोटों से हराया था। वर्ष 1984 के लोकसभा चुनाव में मोहसिना को फिर मैदान में कांग्रेस ने उतारा। इस बार उन्होंने लोकदल के मंजूर अहमद को 96518 वोटों से हरा दिया। दोनों बार मेरठ का लोकसभा में महिला ने प्रतिनिधित्व कराया।

मोहसिना किदवई मेरठ-हापुड़ सीट से 2 बार सांसद रही हैं। उन्होंने यहां कांग्रेस के टिकट पर लगातार दो बार एमपी का इलेक्शन जीतकर सांसद बनीं। इस दौरान उन्होंने बड़े दिग्गज नेताओं को पटकनी दी थी। मोहसिना किदवई कांग्रेस की कद्दावर नेताओं में से एक थीं और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के बेहद करीब मानी जाती थीं। उन्होंने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल में केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले। इनमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शहरी विकास, पर्यटन, परिवहन और ग्रामीण विकास जैसे विभाग शामिल थे। सोनिया गांधी और गांधी परिवार से भी उनके करीबी संबंध थे। उनका राजनीतिक जीवन लंबा और प्रभावशाली रहा। उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने वाली मोहसिना किदवई ने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई।
इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की सरकारों में केंद्रीय मंत्री रहने के दौरान किदवई ने स्‍वास्‍थ्‍य, शहरी विकास, पर्यटन और नागरिक उड्डयन जैसे मंत्रालयों में काम किया।

1 जनवरी, 1932 को बाराबंकी में जन्‍मीं मोहसिना किदवई दो बार छत्‍तीसगढ़ से राज्‍यसभा सदस्‍य भी चुनी गईं। वह 1978 उपचुनाव, 1980 और 1984 में मेरठ से सांसद चुनी गईं। इसके बाद 2004 से 2010 और 2010 से 2016 तक राज्‍यसभा की सदस्‍य रहीं।

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