मेरठ 08 अप्रैल (प्र)। जामिया रेजीडेंसी की एक महिला ने लोहिया नगर थाना प्रभारी पर पुलिस बल के साथ मारपीट करने और विरोध पर घर में तोड़फोड़ के आरोप लगाए हैं पीड़िता ने एसएसपी से मामले की शिकायत की है। एसपी ट्रैफिक ने मामले की जांच सीओ कोतवाली को सौंपी है।
जामिया रेजीडेंसी निवासी शाजिया पुत्र सगीर मंगलवार को एसएसपी ऑफिस पहुंची। उस समय लिंक ऑफिसर एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र कुमार मिश्र समस्याएं सुन रहे थे। एसएसपी को संबोधित शिकायत पत्र शाजिया ने एसपी ट्रैफिक को सौंपा।
शजिया ने बताया कि उसके भाई वसीम के साथ पड़ोसी मोमीन, आबिद, मोहसीन पुत्रगण युसूफ जानलेवा हमला किया था इस रंजिश में आरोपियों ने 2023 में लोहिया नगर थाने पर मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मुकदमा झूठा बताते हुए एफआर लगा दी थी। इसके बाद एक और झूठा मुकदमा दारोगा पुत्र मोमीन ने पुलिस से सांठगांठ कर लिखवाया। इस मुकदमे में शाजिया के भाई गोलू उर्फ जैद को जेल भेज दिया। गोलू गत दो अप्रैल को जमानत पर छूटकर आया है। जैद के जमानत पर छूटते ही मोमीन ने लोहिया नगर थाना प्रभारी तथा पुलिसकर्मियों के साथ जैद को फिर से जेल भिजवाने की साजिश रची। इसके तहत चार अप्रैल की रात आठ बजे लोहिया नगर थाना प्रभारी सुमित तोमर, एसआई सतेंद्र कुमार व कांस्टेबल पिंटू आदि 15-20 पुलिसकर्मी शाजिया के घर में घुस गए। पुलिस ने जैद के बारे में पूछा। उस समय जैद घर पर नहीं था। इसके बाद गाली-गलौज करते हुए घर में तोड़फोड़ की। सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिये और डीवीआर भी निकाल ली। शाजिया ने आरोप लगाए कि इसके बाद पुलिसकर्मी उसको घसीटते हुए जबरन थाने ले गए। साथ ही, जेल भेजने की धमकी दी। शाजिया ने बताया कि पड़ोसी आधी रात में 50 हजार रुपये देने का वादा कर उसको थाने से लेकर आए। पुलिस दारोगा पुत्र मोमीन से सांठगांठ कर फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दे रही है।
आरोप लगाए कि पीड़िता और उसके परिवार को मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न करके घोर यातनाएं दी जा रही हैं। पुलिस उसके भाई को झूठा मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की फिराक में है। इस मामले में एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र कुमार मिश्र ने मामले की जांच सीओ कोतवाली एएसपी राघवेंद्र कुमार मिश्र को सौंपी है। दूसरी ओर, लोहिया नगर थाना प्रभारी सुमित तोमर ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जैद पर फायरिंग का आरोप है। वीडियो धुंधली है। जैद को थाने आकर बयान देने के लिए कहा गया है, लेकिन थाने नहीं आ रहा है। थाना प्रभारी ने एक-दो दिन में मामले के निस्तारण की बात कही है।
