Wednesday, April 8

माफिया उधम सिंह की जमानत में फर्जीवाड़ा, दो पर मुकदमा

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मेरठ 08 अप्रैल (प्र)। माफिया उधम सिंह की जमानत में फर्जीवाड़ा करने का खुलासा हुआ है। जमानत लेने वाले को जानकारी ही नहीं थी कि उसके दस्तावेज पर उधम सिंह की जमानत कराई गई। उधम सिंह के दो करीबी गुर्गों ने किसान को लोन कराने का झांसा दिया और उधम सिंह की जमानत के कागजात पर साइन करा लिए। अब उसकी जमानत में दस्तावेज इस्तेमाल करने का खुलासा हुआ तो किसान ने तहरीर दी है। सरूरपुर थाने में उधम सिंह के दो साथियों पर मुकदमा दर्ज किया है।

अपराध माफिया उधम सिंह को 20 जुलाई 2021 को सरूरपुर पुलिस ने रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में गिरफ्तार किया था। उसका नेटवर्क तोड़ने के लिए उसे उन्नाव जेल ट्रांसफर कर दिया था। चार साल और आठ माह जेल में रहने के बाद 26 मार्च 2026 को उधम सिंह जमानत पर रिहा हो गया था। इसके बाद से पुलिस ने उधम सिंह के जमानती को लेकर छानबीन शुरू कर दी थी। इसी दौरान सनसनीखेज खुलासा हुआ। जमानत लेने वाले किसान अनवर पुत्र असगर निवासी गांव जसड़ सुल्ताननगर सरूरपुर ने पुलिस को छह अप्रैल 2026 को शिकायत दी। अनवर ने बताया कि उसे लोन की जरूरत थी, जिसके बाद करनावल निवासी बाबू पंडित पुत्र मनीराम और शेखर फोगाट से संपर्क किया था। बाबू पंडित और शेखर ने आधार कार्ड और पैनकार्ड समेत कुछ दस्तावेज लिए थे। अनवर ने आरोप लगाया कि उसे सरधना तहसील ले जाकर कुछ कागजात पर साइन कराए गए। बताया कि लोन हो गया है। कहा कि कुछ दिन में चेक मिल जाएगा।

उसका लोन पास नहीं हुआ तो शेखर व बाबू पंडित से बात की। दोनों ने धमकाया और हत्या की धमकी दी। अनवर ने बताया कि उधम सिंह की जमानत में उसके दस्तावेज का इस्तेमाल किया गया। अनवर ने इस मामले में पुलिस को शिकायत की। बताया कि उसकी ओर से उधम सिंह की जमानत नहीं ली गई। पुलिस ने अनवर की तहरीर पर दो आरोपियों शेखर फोगाट और बाबू पंडित पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों पर शांतिभंग में कार्रवाई की है।

सीओ सरधना आशुतोष कुमार का कहना है कि उधम सिंह की जमानत के लिए अनवर के दस्तावेज का इस्तेमाल किया था। हालांकि अनवर का कहना है कि उसने जमानत नहीं ली और लोन के कागजात बताकर साइन कराया था। साजिश करने वाले दो आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराया है।

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