मेरठ 16 अप्रैल (प्र)। टीपीनगर थाना क्षेत्र निवासी संजीव कुमार सदस्य रेलवे बोर्ड राज्य विकास सामान्य एवं निगरानी समिति उत्तर प्रदेश सरकार ने अध्यक्ष एवं सीईओ रेलवे बोर्ड रेल मंत्रालय नई दिल्ली से मुलाकात कर शिवपुरम फाटक को हस्तांतरण करने या अंडरपास बनाए जाने का सुझाव पत्र दिया। दिये पत्र में उन्होंने लिखा कि नागरिकों ने रेलवे फाटक (पिलर संख्या 65 ) पर बढ़ती यातायात समस्या और सुरक्षा चिंताओं को लेकर अंडरपास निर्माण की मांग उठाई है। प्रस्ताव में बताया गया है कि उक्त रेलवे समपार फाटक लंबे समय से क्षेत्र के दोनों ओर स्थित घनी आबादी को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग बना हुआ है। बीते वर्षों में जनसंख्या में तेजी से वृद्धि होने के कारण यहां प्रतिदिन भारी यातायात दबाव रहता है, जिससे लंबे जाम की स्थिति बनी रहती है। मार्ग के संकरा होने से समस्या और गंभीर हो गई है, जिससे आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आशंका जताई है कि लगातार जाम और भीड़भाड़ के कारण यहां किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने बताया कि फाटक के पास सिंचाई विभाग के नाले के किनारे रेलवे की पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, जहां आसानी से अंडरपास का निर्माण किया जा सकता है। प्रस्ताव में अंडरपास निर्माण के कई लाभ भी गिनाए गए हैं। इससे न केवल स्थानीय निवासियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिलेगा, बल्कि रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से स्थायी राहत मिलेगी और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। साथ ही, नमो भारत (शताब्दी नगर) स्टेशन, जो लगभग 700 मीटर की दूरी पर स्थित है, तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा और बागपत रोड से बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होगी।
स्थानीय नागरिकों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर जनसमस्या को प्राथमिकता के आधार पर संज्ञान में लेते हुए जल्द से जल्द स्थल निरीक्षण कराया जाए और प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए आगे बढ़ाया जाए। लोगों का कहना है कि यदि इस परियोजना को शीघ्र मंजूरी मिलती है, तो इससे क्षेत्र के हजारों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और आवागमन की बड़ी समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
