मेरठ 25 अप्रैल (प्र)। मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अप्रैल के महीने में ही भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शुक्रवार को तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगले 48 से 72 घंटे तक क्षेत्र में लू का प्रकोप जारी रहेगा और तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
शनिवार को लू के थपेड़ों और तेज धूप ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। सुबह से ही चढ़ता तापमान दोपहर तक आग उगलने लगा, जिससे सड़कों पर सन्नाटा और लोगों में बेचैनी साफ देखने को मिली।
तेज गर्म हवाओं और झुलसाने वाली धूप से लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है। भीषण गर्मी के चलते शहर में बिजली और पानी की खपत में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में बिजली कटौती और पानी की किल्लत की शिकायतें भी सामने आने लगी हैं।
गर्मी के साथ-साथ वेस्ट यूपी की हवा भी जहरीली होती जा रही है। शुक्रवार को मेरठ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 338 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। एमआईईटी कॉलेज – 376 जयभीम नगर – 375 मेरठ शहर – 338 दिल्ली रोड – 334 पल्लवपुरम – 313 बेगमपुल – 310 गंगानगर – 290 एक्यूआई दर्ज किया।
धूल और धुंध के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार 26 अप्रैल की रात से मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण 27 अप्रैल को कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट आएगी और लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
बचाव के मुख्य उपाय
दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें।
बाहर जाते समय सिर को सूती कपड़े या टोपी से ढकें।
हल्के रंग और ढीले कपड़े पहनें।
पर्याप्त पानी, ओआरएस और तरल पदार्थ का सेवन करें।
बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
चक्कर, तेज सिरदर्द या उल्टी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
