मेरठ 25 अप्रैल (प्र)। सेंट्रल मार्केट मामले में आवास एवं विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए शुक्रवार को पुलिस बल के साथ 350 से ज्यादा भवनों पर सेटबैक पर हुए अवैध निर्माणों के लिए नोटिस चस्पा कर दिए। नोटिस में व्यापारियों को स्वयं सेटबैक के अवैध निर्माण हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया है। इसके बाद परिषद द्वारा अवैध निर्माणों को हटाया जाएगा और उस पर होने वाला खर्च भवन स्वामियों से वसूला जाएगा।
परिषद ने नोटिस के साथ सुप्रीम कोर्ट का आदेश और सेटबैक हटाने के लिए नक्शा भी चस्पा किया है। ताकि सेटबैक से अवैध निर्माण हटाने में दिक्कत न हो। हालांकि परिषद टीम सेक्टर 2 में नोटिस देने नहीं पहुंची। बाकी सभी सेक्टरों में पहुंचकर टीम ने अपने-अपने हिस्से के भवनों में नोटिस चस्पा कर दिए। बाकी बचे भवनों पर शनिवार को नोटिस चस्पा किए जाएंगे।
नौ अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने सील की गई 44 संपत्तियों के अलावा बाकी बची आवासीय संपत्तियों के सेटबैक पर किए गए अवैध निर्माण को दो महीने में हटाने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने कहा था कि इसके लिए परिषद व्यापारियों को नोटिस देगी जिसमें स्वयं से अवैध निर्माण हटाने के लिए व्यापारियों को 15 दिन का समय दिया जाएगा। अगर व्यापारी अवैध निर्माण नहीं हटाएंगे तो उसके बाद परिषद अवैध निर्माणों को हटाएगा और उस पर होने वाले खर्च को आवंटी से वसूला जाएगा। आदेश के अनुपालन में परिषद ने आठ टीमों का गठन किया था। इन सभी टीमों को शास्त्रीनगर आवासीय योजना संख्या 7 के 419 भवनों पर नोटिस चस्पा करने थे। शुक्रवार को सभी आठ टीमों ने पुलिस बल के साथ सुबह दस बजे कार्रवाई शुरू की जो शाम तक चली। इस दौरान सभी टीमों ने करीब 350 भवनों पर नोटिस चस्पा कर दिए।
परिषद अधिकारियों ने बताया कि काफी व्यापारियों ने सेटबैक के अवैध निर्माण हटा दिए हैं और काफी व्यापारी सेटबैक के अवैध निर्माणों को हटवा रहे हैं। पिछले कई महीने से क्षेत्र में दुकानों पर हथौड़ा चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित 15 दिन के समय के अंदर अगर सेटबैक के अवैध निर्माणों को नहीं हटाया गया तो 16वें दिन से परिषद की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इस संबंध में कोर्ट 14 जुलाई को सुनवाई करेगी।
