मेरठ 16 अप्रैल (प्र)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले रेलवे ने मेरठ से कोलकाता और वहां से मेरठ लौटने के लिए 19 से समर स्पेशल नाम से ट्रेन चलाने का ऐलान किया है। मेरठ से यह ट्रेन 19 व 26 अप्रैल यानी रविवार को कोलकाता जाएगी, जबकि कोलकता से मेरठ के लिए 20 व 27 अप्रैल यानी सोमवार को यह ट्रेन चलेगी। यह ट्रेन मेरठ में काम करने वाले हजारों स्वर्ण आभूषणों के बंगाली कारीगरों को सुविधा मिलेगी। माना जा रहा है कि उक्त समर स्पेशल ट्रेनों का संचालन पश्चिम बंगाल में चुनाव के मद्देनजर किया जा रहा है, ताकि मेरठ में काम करने वाले बंगाल के कारीगर मतदान करने के लिए सीधे मेरठ से अपने घर जा सकें।
दरअसल, मेरठ में स्वर्ण आभूषण बनाने वाले हजारों कारीगर रहते हैं, जो पश्चिम बंगाल अपने घर जाने के लिए दिल्ली से ट्रेन पकड़ते हैं। इनके अलावा सैकड़ों उद्यमी और व्यापारी भी पश्चिम बंगाल में माल सप्लाई करते हैं। उन्हें भी दिल्ली से ट्रेन में सवार होना पड़ता है और दिल्ली में ही उतरना पड़ता है। ऐसे में लोगों को परेशानी होती है। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में विधानसभा चुनाव में मतदान होगा। पहले चरण में 23 अप्रैल को और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा। रेलवे ने मेरठ से हावड़ा के लिए समर स्पेशल नाम से ट्रेन चलाने का ऐलान किया है। 19 और 26 अप्रैल को मेरठ के सिटी स्टेशन से रात 11 बजे समर स्पेशल ट्रेन हावड़ा के लिए रवाना होगी, जो अगले दिन हावड़ा पहुंचाएगी। हावड़ा से यह ट्रेन 20 व 27 अप्रैल को मेरठ के लिए चलेगी। माना जा रहा है कि चुनाव में मतदान के लिए मेरठ में रह रहे बंगाली लोगों को पहुंचाने के लिए उक्त ट्रेनें संचालित की जा रही है।
सिग्नल मरम्मत के कारण बिगड़ी रेल व्यवस्था
बुधवार को सिग्नल मरम्मत कार्य के चलते इस रूट पर रेल संचालन प्रभावित हो गया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दौराला रेलवे स्टेशन पर दोपहर करीब एक बजे कालका-दिल्ली जा रही कालका एक्सप्रेस को रोकना पड़ा औ और ट्रेन करीब आधा घंटा स्टेशन पर खड़ी रही ट्रेन के अचानक रुकने से यात्रियों में पहले असमंजस और नाराजगी का माहौल बन गया, जबकि देरी को लेकर लोग चितित नजर आए। इस दौरान लाइन क्लियर न होने के चलते अंबाला इंटरसिटी मेरठ सिटी, गोल्डन टेम्पल मेरठ सिटी, जालंधर इंटरसिटी-मेरठ सिटी तथा जनशताब्दी (मोहीद्दीनपुर) समेत कई ट्रेनें एक के पीछे एक खड़ी रहीं। अंबाला एक्सप्रेस को भी दौराला स्टेशन पर रोकना पड़ा, जिससे ट्रेनों की लंबी कतार लग गई।
दौराला मास्टर शनि ने बताया कि सिग्नल सिस्टम की मरम्मत व सिंगल लाइन कनेक्टिविटी के कारण एक समय में केवल एक ही ट्रेन को गुजरने की अनुमति मिल पाती है। जैसे ही आगे की लाइन खाली होती है, तभी पीछे खड़ी ट्रेनों को रवाना किया जाता है। इसी वजह से ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। बाद में रेलवे प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए धीरे-धीरे ट्रेनों का संचालन सुचारु कराया, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर इस रूट पर डबल लाइन की आवश्यकता को उजागर कर दिया है, ताकि भविष्य में यात्रियों को ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
