Friday, March 1

कारनामा उजागर: भगतसिंह मार्केट में दुकान आवंटन में ‘खेल’, डीएम से शिकायत

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मेरठ, 17 नवंबर (प्र)। हापुड़ अड्डा स्थित भगतसिंह मार्केट में दुकान आवंटित करने में नगर निगम का कारनामा गत दिवस उजागर हो गया है। आरोप है कि निगम अधिकारियों से साठगांठ कर अधिकांश दुकानों को एक वर्ग के लोगों को आवंटित किया हुआ है, जबकि अभिलेखों में दूसरे वर्ग के लोगों के नाम दर्ज है। इस मामले की शिकायत डीएम ऑफिस में की गई, जिसमें निगम के अधिकारियों की अनियमितता की जांच कराने की मांग की गई।

शास्त्रीनगर स्थित हरीश कुमार रघुवंशी ने गत दिवस डीएम ऑफिस में शिकायती पत्र दिया। भगतसिंह मार्केट की संपत्ति नगर निगम को बताकर 350 से अधिक दुकानों का आवंटन हुआ है। नगर निगम द्वारा किरायेदारों की रसीद काटी जाती है। जिसमें करीब 50 से अधिक दुकान एक वर्ग के लोगों के नाम अभिलेखों में दर्ज है, जबकि मौके पर दुकानदार दूसरे वर्ग के है। मूल आवंटी किरायेदार को सिकमी किरायेदार नियुक्त करने का अधिकार नहीं है। आरोप है कि निगम के अधिकारियों ने दुकानदारों से सेटिंग कर सिकमी किरायेदार बना दिए है। मांग की है कि सिकमी किरायेदारों से तुरंत दुकान खाली कराई। जाएं। इसको लेकर निगम के अधिकारियों की भी जांच कराई जाएं। बताया गया कि यह खेल 10 सालों से चल रहा है।

क्या होता है सिकमी किरायेदार
सरकारी संस्था या फिर विभाग द्वारा किरायेदार को संपत्ति दी जाती है। किरायेदार इस संपत्ति को दूसरे किरायेदार को नहीं दे सकता। अन्य किरायेदार की सिकमी किरायेदार कहा जाता है। नगर निगम अधिनियम सिकमी किरायेदार को वैद्य नहीं मानता है, जिसके चलते किराये की रसीद भी विभाग द्वारा आवटी किरायेदार के नाम काटी जाती है। इसके बावजूद नगर निगम की कई दुकानों को सिकमी किरायेदार चला हैं। इसे लेकर निगम के अधिकारियों से शिकायत हो चुकी. इसके बावजूद कार्रवाई शून्य है। डीएम ऑफिस में शिकायत सुन रहे एडीएम वित्त सूर्यकांत त्रिपाठी ने आश्वासन दिया है कि जांच कराकर कारवाई कराएंगे।

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