मेरठ 02 अप्रैल (प्र)। पर्यटन की दृष्टि से ऐतिहासिक पौराणिक धरोहर को संवारने-संजोने व पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए उप्र सरकार ने अलग-अलग समय पर विभिन्न सर्किट बनाए। दो दशक पहले महाभारत सर्किट बनाया गया था, जिसमें हस्तिनापुर शामिल था। अब हस्तिनापुर को जैन सर्किट में भी शामिल कर लिया गया है। मेरठ को स्वतंत्रता संग्राम सर्किट में भी रखा गया है। इन दोनों की घोषणा उप्र पर्यटन नीति 2022 में ही कर दी गई थी. जिसके अंतर्गत अब प्रक्रिया शुरू हुई है। दो नए सर्किट में शामिल होने से मेरठ के विकास पर पहले से अधिक धनराशि खर्च होगी। समय-समय पर विभिन्न स्थलों को संवारा जाएगा। हाल ही में मुख्यमंत्री पर्यटन योजना से शहीद स्मारक, हस्तिनापुर का चयन किया गया था, जिसके तहत संबंधित स्थलों पर कार्य किए जा रहे हैं। कुछ समय बाद इन सर्किट को केंद्रित विकास कार्य भी शुरू होंगे।
शोधार्थी-पर्यटकों को मिलेगी जानकारी
जैन मिलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश जैन ऋतुराज का कहना है कि हस्तिनापुर जैन धर्मावलंबियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में से एक है। जैन सर्किट बनाने से सभी प्रमुख जैन तीर्थों की एक साथ जानकारी लोगों को मिल सकेगी। शोध करने वालों व पर्यटकों का रुझान बढ़ेगा। समय-समय पर सरकार की ओर से भी उससे केंद्रित योजनाएं शुरू हो सकेंगी। यह बहुत बड़ा कदम है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया ।
वन्यजीव-पक्षी अभ्यारण्य श्रेणी में भी है हस्तिनापुर
उप्र पर्यटन विभाग की सूची में हस्तिनापुर वन्य जीव पक्षी अभ्यारण्य की सूची में भी शामिल है। उप्र के प्रमुख ईको टूरिज्म वाले स्थलों वाली सूची में हस्तिनापुर को रखा गया है। पर्यटन स्थल के रूप में विकास करने के लिए मेरठ के प्रमुख स्थलों का चयन किया गया है।
संयुक्त निदेशक पर्यटन प्रीति श्रीवास्तव का कहना है कि महाभारत सर्किट में हस्तिनापुर पहले ही था। अब स्वतंत्रता संग्राम सर्किट में मेरठ शहर व जैन सर्किट में हस्तिनापुर को शामिल किया गया है। सरकार प्रमुख स्थलों को अलग-अलग सर्किट में शामिल करके पर्यटन को बढ़ाने का लक्ष्य रख रही है। उसी अनुरूप विकास कार्य भी किए जा रहे हैं। सर्किट में चयनित स्थलों आसपास 20 किमी की क्षेत्र में होटल खोलने पर सब्सिडी व विभिन्न प्रकार की छूट दी जाती है।