आगरा 28 अगस्त। बांके बिहारी काॅरिडोर के लिए 510 करोड़ रुपये देने का हलफनामा देने के बाद चर्चा में आए बिल्डर प्रखर गर्ग को पत्नी राखी गर्ग सहित गिरफ्तार कर लिया गया। 1.54 करोड़ रुपये के चेक बाउंस के मामले में आरोपी दंपती के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानत वारंट जारी हुए थे। पुलिस ने दोनों को बुधवार को जयपुर से पकड़ा था। दोनों को कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिए गए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी के 4 मुकदमे थाना हरीपर्वत और कमला नगर में दर्ज हैं। दो दर्जन से अधिक चेक बाउंस के मामले भी हैं। इनमें करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोप हैं।
एसीपी हरिपर्वत अक्षय संजय महाडिक ने बताया कि बिल्डर प्रखर गर्ग और उसकी पत्नी राखी गर्ग को जयपुर से गिरफ्तार किया है. कारोबारी अरुण सोंधी ने बिल्डर प्रखर गर्ग और उसकी पत्नी के खिलाफ 2 करोड़ रुपये के चेक बाउंस का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें यह कार्रवाई हुई है. कोर्ट के आदेश पर दोनों को जेल भेज दिया गया है.
यह था मामला
ट्रांसपोर्ट नगर के कारोबारी अरुण सोंधी ने 9 अक्टूबर 2024 को बिल्डर प्रखर गर्ग और अन्य के खिलाफ थाना हरीपर्वत में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था. जिसमें प्रखर गर्ग, उसकी पत्नी राखी गर्ग के अलावा सतीश गुप्ता, सुमित कुमार व मुकेश कुमार को नामजद किया गया था. जिसमें 9 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था. इसके बाद दिसंबर 2024 में ईडी ने बिल्डर प्रखर गर्ग के यहां छापेमारी की थी. तब भी प्रखर गर्ग ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं.
बहुचर्चित बिल्डर प्रखर गर्ग के लंगड़े की चौकी द्वारिकापुरम स्थित घर पर जनवरी 2025 में पुलिस ने नोटिस चस्पा किया था. तब पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर ढोल बजवाकर मुनादी भी कराई गई थी. मुकदमे की सुनवाई में बिल्डर प्रखर गर्ग और उनकी पत्नी रेखा गर्ग उपस्थित नहीं हुए.
अक्टूबर 2023 में आगरा के बिल्डर प्रखर गर्ग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में वृंदावन के बांके बिहारी काॅरिडोर के लिए 510 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव दिया. जिससे बिल्डर प्रखर गर्ग ने खूब सुर्खियां बटोरीं. जिससे बिल्डर के अपराध की कुंडली खंगाली गई तो उसके खिलाफ तब 22 मुकदमे दर्ज मिले थे. जिनमें अधिकतर मुकदमे धोखाधड़ी के थे.
हरिपर्वत थाना पुलिस ने नवंबर 2024 में धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपी बिल्डर प्रखर गर्ग को गिरफ्तार किया था. कोर्ट ने उसे जेल भेजा था. पीड़ित ने आरोपी बिल्डर प्रखर गर्ग पर ढाई करोड़ रुपये हड़पने का आरोप लगाया था.