लखनऊ 28 अगस्त। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में माता वैष्णो देवी मंदिर के तीर्थयात्रा मार्ग पर मंगलवार को हुए भीषण भूस्खलन ने पूरे देश को झकझोर दिया है. इस त्रासदी में 34 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें उत्तर प्रदेश के 11 तीर्थयात्री शामिल हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है और अधिकारियों को मृतकों के शवों को उनके पैतृक स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं.
मंगलवार को दोपहर करीब 3 बजे, भारी बारिश के कारण कटरा से माता वैष्णो देवी मंदिर तक के 12 किलोमीटर लंबे तीर्थयात्रा मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास भूस्खलन हुआ. इस दौरान पहाड़ी का एक हिस्सा ढह गया, जिससे विशालकाय पत्थर और मलबा तीर्थयात्रियों पर गिर पड़ा. इस हादसे में 34 लोगों की जान चली गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए. घायलों को जम्मू के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है.
प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, इस हादसे में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से 11 लोगों की मौत हुई है. मृतकों में आगरा से तीन, मुजफ्फरनगर से तीन, बरेली से एक और अन्य जिलों से चार लोग शामिल हैं. बागपत जिले की नवविवाहिता चांदनी (23) और उनकी बड़ी बहन नीरा (36) भी इस त्रासदी का शिकार हुईं. चांदनी की शादी इसी साल अप्रैल में खेकड़ा निवासी मयंक गोयल से हुई थी, जबकि नीरा की शादी मेरठ के जौहरी अमित से हुई थी. परिवार के तीन अन्य सदस्य–मयंक, अमित (40), और उनकी 10 वर्षीय बेटी विधि–गंभीर रूप से घायल हैं और जम्मू के अस्पताल में इलाजरत हैं.
इनकी जान गई
भावना -आगरा
सुनीता – आगरा
सेजल- आगरा
चांदनी-बागपत
कार्तिक-मुजफ्फरनगर
अनंत- मुजफ्फरनगर
दीपेश कुमार-मुजफ्फरनगर
नीरा -मेरठ
ममता देवी- मुजफ्फरनगर
राम विरि- मुजफ्फरनगर
अंजली -मुजफ्फरनगर
बताते चले कि नदियों में उफान के कारण कई प्रमुख पुलों, घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। सेना समेत सभी एजेंसियां बचाव में जुटी हैं। बाढ़ग्रस्त इलाकों से अब तक 10,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है। पंजाब में भी रावी नदी उफान पर है और पठानकोट समेत कई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। तवी, चिनाब, उझ, रावी और बसंतर सहित सभी नदियां खतरे के निशान से कई फीट ऊपर बह रही हैं। अनंतनाग और श्रीनगर में झेलम नदी भी चेतावनी के निशान से ऊपर बह रही है। किश्तवाड़ में बाढ़ में एक पुल और 10 घर बह गए। कई रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया। चक्की नदी भी उफान पर है। हालांकि कई नदियों का जलस्तर कम होना शुरू हुआ है। भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग समेत एक दर्जन से अधिक सड़कें और सभी स्कूल-कॉलेज बंद हैं।
जम्मू और कटरा स्टेशनों से आने-जाने वाली 58 ट्रेनों को रद्द कर दिया, जबकि 64 ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू में हालात का जायजा लेने के बाद कहा, बारिश में कमी के बाद राहत व बचाव कार्यों में तेजी आई है। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को ऑप्टिकल फाइबर के क्षतिग्रस्त होने के 24 घंटे बाद, बुधवार को सभी नेटवर्क पर फोन और नेटवर्क सेवाएं बहाल कर दी गईं। खराब मौसम के कारण दिल्ली से लेह की उड़ानें प्रभावित हुई हैं।