Monday, January 26

248 करोड़ के ई-वे बिल काट 45 करोड़ की जीएसटी चोरी करने का आरोपित गिरफ्तार

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मेरठ 23 जनवरी (प्र)। एसटीएफ ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की चोरी करने वाले गिरोह का छठा बदमाश दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपित अपने महेंद्रा कोटेक और 3 पीएनबी के खाते प्रति माह दस हजार रुपये में जीएसटी चोर गिरोह को किराए पर देता था। इस गिरोह ने फर्जी आधार कार्ड और अन्य कागजात का प्रयोग कर 117 फर्म रजिस्टर्ड कराई। इन फर्म के 248 करोड़ रुपये के ई-वे बिल काटे और इससे 45 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की गई।

गुरुवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में एसटीएफ के एएसपी बृजेश सिंह ने बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व मुजफ्फरनगर के गांव बडसू निवासी अश्वनी कुमार से नौकरी लगवाने का झांसा देकर कुछ लोगों ने आधार कार्ड पैन कार्ड और बिजली के बिल समेत सभी योग्यता के प्रमाण पत्र ले लिए थे। उक्त कागजात का प्रयोग कर आरोपितों ने एके ट्रेडर्स के नाम से एक फर्जी कंपनी खोली। इस कंपनी से 117 फर्म में 248 करोड़ के ई-वे बिल बनाकर 45 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की गई। यह सभी फर्म स्क्रैप की थीं। खतौली थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला एसटीएफ को स्थानांतरित किया गया था।

विवेचना में पता चला कि यह गिरोह बेंगलुरू और दिल्ली में सक्रिय है। तीन जुलाई 2025 को एसटीएफ ने फर्जी कंपनी खोलने वाले गिरोह के पांच बदमाशों को कैपेगौडा नगर, तुंगनगर, थाना वायदराहल्ली, बेंगलुरू से गिरफ्तार किया था। गुरुवार को एसटीएफ ने गिरोह के छठे बदमाश मोहम्मद जाहिद निवासी गांव जगतपुर थाना वजीराबाद दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में रतना राम, ओमप्रकाश, व हनुमान राम निवासी गोलिया गरवा थाना आजीटी नगर जिला बाडमेर राजस्थान, बुद्धराम व संतोष कुमार निवासी डाबड़ थाना गुडामलानी बाडमेर जेल जा चुके हैं। पूछताछ में आरोपित जाहिद ने बताया कि वह प्रति बैंक खाते के दस हजार रुपये हर महीने लेता था। आरोपित को मुजफ्फरनगर में कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।

करोड़ों की ठगी कर चुके लाभूराम और सुरेश
पूछताछ में आरोपित जाहिद ने बताया कि लाभूराम निवासी कोटडा थाना करडा जिला जालौर और सुरेश निवासी जिला बाडमेर राजस्थान ही सभी आरोपित को बेंगलुरू लेकर गए थे। लाभूराम व सुरेश बेरोजगार युवकों को नौकरी का लालच देकर उनके कागजा हासिल कर लेते हैं। इन कागजात पर फर्जी सिम निकलवा कर जीएसटी पोर्टल पर आनलाइन फर्जी कंपनी रजिस्टर्ड करते हैं। इसका प्रयोग फर्जी ई-वे बिल बनाकर करोड़ों जीएसटी चोरी करते आ रहे हैं। आरोपित जाहिद दो साल से जीएसटी चोरी की रकम अपने खातों में डलवा रहा था। आरोपित अब तक करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचा चुके हैं। एसटीएफ लाभूराम व सुरेश की तलाश कर रही है।

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