मेरठ 16 अप्रैल (प्र)। जाम में फंसी कार को निकलने का रास्ता न देने पर हुए विवाद में सात-आठ युवकों ने मेडिकल कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसर को जमकर पीटा। हमलावरों ने उनके कपड़े फाड़ने के साथ ही कार का शीशा भी तोड़ दिया। साथ कार में मौजूद पीड़ित की बहन और बुआ के साथ भी बदसलूकी की। सरधना थाने में तहरीर देने के बाद पीड़ित परिवार ने फिर से हमला होने की आशंका जताते हुए पिठलोकर गांव तक सुरक्षा देने की मांग की, लेकिन पुलिस सिर्फ आश्वासन देकर टरकाती रही। बाद में पीड़ित बिना सुरक्षा के गांव चले गए। वहीं मामले में पुलिस ने शाहपीर गेट निवासी काफिफ समेत चार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
शास्त्रीनगर निवासी डा. रिजवान मेडिकल कालेज में असिस्टेंट प्रोफेसर व सर्जन हैं। सरधना थाने में दी तहरीर में डा. रिजवान ने बताया कि सरधना के गांव पिठलोकर निवासी उनके चाचा आसिफ की पांच दिन पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी। वह यूपी पुलिस में थे। बुधवार को वह बहन सुमइया व बुआ कमरजहां के साथ पिठलोकर जा रहे थे।
कार शास्त्रीनगर निवासी नाजिम चला रहा था। सरधना में टाउन हाल रोड पर गोमतीनगर पुलिया के पास सड़क बनने के कारण जाम लगा हुआ था। उनके सामने खड़ी कार में सवार युवकों ने उन्हें अपनी गाड़ी हटाने को कहा। उन्होंने जगह मिलने पर कार हटाने की बात कही। इस पर युवकों ने फोन कर साथियों को बुला लिया और बीच सड़क पर उनके व चालक के साथ मारपीट करने लगे। उनके कपड़े फाड़ने के साथ ही कार का पीछे का शीशा भी तोड़ दिया। कार में बैठी बहन व बुआ ने विरोध किया तो आरोपितों ने गाली-गलौज कर उनसे अभद्रता की। लोगों के जुटने पर आरोपित फरार हो गए।
सरधना सीओ आशुतोष कुमार का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए प्रभारी निरीक्षक दिनेश प्रताप सिंह को निर्देश दिए गए है। पीड़ित परिवार द्वारा सरधना थाना पुलिस से सुरक्षा मांगने पर क्यों मुहैया नहीं कराई गई, इस बाबत जांच कराई जाएगी।
इन धाराओं में दर्ज हुई रिपोर्ट
बीएनएस की धारा 126 (2)- किसी व्यक्ति को उस दिशा में जाने से जानबूझकर बलपूर्वक रोकना। एक माह साधारण कारावास, पांच हजार रुपये जुर्माना ।
बीएनएस की धारा 115 (2) – जानबूझकर किसी को शारीरिक पीड़ा पहुंचाना। एक वर्ष कारावास व दस हजार रुपये जुर्माना ।
बीएनएस की धारा 352 – जानबूझकर अपमान करना, किसी उद्देश्य से किसी को भड़काना और सार्वजनिक शांति भंग करना। दो साल सजा, जुर्माना, या दोनों सजा एक साथ ।
बीएनएस की धारा 351 (2)- किसी की जान, माल या प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना, धमकी देकर डराना 12 साल तक की सजा जुर्माना या दोनों सजा एक साथ।
बीएनएस की धारा 324 (4)- शरारत कर किसी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना 12 साल तक की सजा व जुर्माना, दोनों सजा ।
