मेरठ 16 अप्रैल (प्र)। दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कारिडोर (ग्रीनफील्ड हाईवे) पर वाहन फर्राटा भरने लग गए हैं। उद्घाटन से पहले जिन स्थानों पर मिट्टी डालकर कट को बंद किया गया था. उन सभी जगहों से मिट्टी हटा ली गई है। अब आप निर्बाध यात्रा कर सकते हैं। मेरठ के लोगों के पास देहरादून जाने के लिए अब दो प्रमुख मार्ग हो गए हैं। पहला मार्ग है जिस पर हम सब वर्षों से जाते रहे हैं यानी मेरठ – रुड़की हरिद्वार हाईवे (पुराना एनएच-58) और अब दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे दूसरा विकल्प मिल गया है।
मेरठ से ग्रीनफील्ड हाईवे से ढाई घंटे में देहरादून पहुंचा जा सकता है। इसके लिए सबसे तेज विकल्प है शामली- करनाल हाईवे से जाकर फुगाना से आगे खेड़ा मस्तान के पास बना इंटरचेंज, जहां से दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे पर जाया जा सकेगा। इस इंटरचेंज से देहरादून 143 किमी है। इस तरह से मेरठ से दूरी पड़ेगी 196 किमी क्योंकि मेरठ के बेगमपुल से हाईवे के इंटरचेंज तक की दूरी 53 किमी है। हाईवे पर गति मिलेगी 100 किमी घंटे की और जाम भी नहीं मिलेगा। इस तरह से लगभग ढाई घंटे में मेरठ से देहरादून पहुंचा जा सकेगा।
वैसे तो आप बागपत हाईवे पर अग्रवाल मंडी टटीरी के इंटरचेंज से भी इस नए हाईवे पर चढ़ सकते हैं लेकिन टटीरी में रेलवे ओवरब्रिज कार्य चल रहा है इसलिए असुविधा हो सकती है। ऐसे में ओवरब्रिज निर्माणाधीन होने तक इस मार्ग से जाने से बचना चाहिए। यदि शामली- करनाल हाईवे से नहीं जाना चाहते हैं तो आप पुराना एनएच-58 से आगे बढ़ते जाएं। देवबंद फ्लाईओवर पार करके नागल से आगे गागलहेड़ी के पास कट के जरिए नए हाईवे पर चढ़ जाएंगे।
मेरठ से देहरादून
किस रास्ते दूरी समय
वाया हरिद्वार 204 किमी 4.30 घटा
वाया देवबंद- सहारनपुर 180 किमी 3.20 घंटा
वाया करनाल हाईवे 196 किमी 2.30 घंटा
दो-तीन दिन में आनलाइन मैप में दिखने लगेगा यह रास्ता
दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे भले ही खुल गया है और उस पर आवागमन शुरू हो गया है लेकिन अभी वह गूगल, सफारी, मैपल्स इंडिया जैसे आनलाइन मैप पर दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि दो दिन में इसकी सेवा शुरू हो जाएगी, जिससे यात्री आनलाइन मैप की सहायता से ऽ अपने पसंद के मार्ग का चयन कर सकेंगे। दरअसल, जब यह हाईवे आधा-अधूरा ही बन पाया था, तभी यह आनलाइन मैप पर दिखाई देने लगा था। कुछ लोग इस हाईवे का उपयोग करने लगे थे। निर्माणाधीन हाईवे के कारण कुछ दुर्घटनाएं भी हुई थीं। इसके बाद एनएचएचआइ ने इसे मैप वाले प्लेटफार्म से हटवा दिया था। इस संबंध में एनएचएआइ के बागपत क्षेत्र के परियोजना निदेशक नरेंद्र कुमार ने बताया कि दो-तीन दिन में यह आनलाइन मैप पर दिखने लगेगा।
अभी लागू नहीं हुईं टोल की दरें
उद्घाटन के बाद दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कारिडोर (ग्रीनफील्ड हाईवे) पर वाहन फर्राटा भरने लगे। टोल दरें निर्धारित नहीं हुई हैं। अभी कुछ दिन तक बिना टोल चुकाए ही सफर का आनंद लिया जा सकता है। 12 हजार करोड़ की लागत से बने 213 किमी लंबे इस हाईवे के जरिये दिल्ली से देहरादून का सफर अब ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा। बागपत टोल से लेकर जैनपुर टोल तक रेस्ट एरिया चालू नहीं हुआ है। बडूली रेस्ट एरिया अभी निर्माणाधीन है। फोन बूथ के अलावा अन्य सुविधाएं शुरू नहीं हुई हैं।
सोलर से चलने वाले सीसीटीवी कनेक्शनों को कर्मचारी जोड़ते हुए दिखे। हाईवे पर छोटे वाहन 80 व बड़े वाहन 100 किमी की रफ्तार से फर्राटा भर सकेंगे। एनएचएआइ के साइट जेई सोनू सिंह ने बताया कि अभी टोल चालू नहीं किया गया है। आदेश मिलने के बाद ही जैनपुर पर टोल वसूली की जाएगी। बुधवार को जैनपुर टोल प्लाजा पर पहुंचे दिल्ली निवासी रणजीत हरिद्वार जाने का विकल्प पूछते नजर आए। हरिद्वार जाने वाले हाईवे का अभी निर्माण पूरा नहीं हुआ है। इसलिए एनएचएआइ ने हलगोआ में इसे पूरी तरह से बंद कर रखा है।
