मेरठ 28 जनवरी (प्र)। सेंट्रल मार्केट प्रकरण में आस लगाए बैठे व्यापारियों को बड़ा झटका लगा है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए आवास एवं विकास परिषद को आदेश का अनुपालन नहीं कराए जाने पर कड़ी फटकार लगाई और 6 सप्ताह के अंदर सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल करने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना ने बताया मंगलवार को कोर्ट नंबर 6 में न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने प्रकरण की सुनवाई की। सेंट्रल मार्केट व्यापार संगठन और आवास विकास परिषद की तरफ से उनके अधिवक्ताओं ने पक्ष रखते हुए बताया सभी अवैध निर्माणों के शमन के लिए प्रस्ताव दिए गए हैं। अधिवक्ताओं की तरफ से इनके विनियमितीकरण की मांग की गई लेकिन कोर्ट ने राहत देने से मना करते हुए सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के आदेश देते हुए छह सप्ताह के अंदर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। आवास विकास के अधिकारियों ने बताया कि कोर्ट ने छह सप्ताह के अंदर शेष भू उपयोग परिवर्तन कर किए अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
एक दिसंबर 2025 को दिए थे बाकी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने एक दिसंबर 2025 को अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए कॉम्पलेक्स संख्या 661/6 के अलावा बाकी अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर 31 जनवरी तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। लेकिन इस बीच परिषद ने कोई कार्रवाई नहीं की।
आवास एवं विकास परिषद ने मांगी है शमन प्रस्तावों पर आपत्ति
सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों ने भू उपयोग परिवर्तन को शमन कराने के लिए आवास विकास परिषद में आवेदन किए हैं। आवास आयुक्त ने 12, 18, 24, 30 और 36 मीटर चौड़ी सड़कों पर 80 भूखंडों को लेकर लोगों से आपत्ति-सुझाव मांगे हैं जो लोगों को 10 फरवरी तक देने हैं। सेंट्रल मार्केट व्यापार संघ अध्यक्ष जितेंद्र अग्रवाल ने बताया सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मायूसी मिली है, लेकिन आवास विकास परिषद ने व्यापारियों के शमन प्रत्यावेदनों पर आपत्ति मांगी है। परिषद आपत्ति निस्तारित करने के बाद राहत दे सकता है।
25 अक्टूबर को ध्वस्त कर दिया था अवैध कॉम्पलेक्स
आवास एवं विकास परिषद ने 25 अक्टूबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कॉम्पलेक्स संख्या 661/6 को ध्वस्त कर दिया था। इसके बाद 31 अन्य अवैध कॉम्पलेक्स को ध्वस्त किया जाना था, लेकिन मंडलायुक्त और जनप्रतिनिधियों की बैठक के बाद दिए आदेश पर कार्रवाई रोक दी गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना याचिका में शेष अवैध निर्माणों को भी ध्वस्त कर 31 जनवरी तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
