मेरठ 05 मार्च (प्र)। पश्चिम उत्तर प्रदेश में शत्रु संपत्तियों की कीमत करोड़ों में हैं। भारत के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय ने इन संपत्तियों का नए सर्किल रेट के मुताबिक मूल्यांकन करने और पैमाइश करके रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद इन संपत्तियों को नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। पश्चिम उत्तर प्रदेश के जनपदों में 1700 से ज्यादा शत्रु संपत्तियां आवासीय और कृषि की हैं। इनमें से अधिकांश पर अवैध कब्जा है। इन्हें कब्जामुक्त करके नीलामी का प्रयास विभाग द्वारा किया जा रहा है।
केंद्र सरकार ने बंटवारे के दौरान पाकिस्तान गए लोगों की आवासीय और कृषि भूमि को शत्रु संपत्ति घोषित किया है। इन संपत्तियों की देखरेख की जिम्मेदारी भारत सरकार के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय पर है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में शत्रु संपत्तियों की संख्या काफी अधिक है। इनमें से अधिकांश अवैध कब्जों का शिकार हैं। इन संपत्तियों को कब्जामुक्त कराकर नीलाम करने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में कुछ संपत्तियों को नीलामी में रखा गया है, जिनमें से कुछ की नीलामी के बाद धनराशि भी जमा हो चुकी है।
जनपद में 122 संपत्तियों में से 45 शहर में, सभी पर कब्जा
जनपद में शत्रु संपत्तियों की संख्या लगभग 122 है। इनमें से 45 आवासीय संपत्तियां हैं। ये सभी संपत्तियाँ अवैध कब्जों की शिकार हैं। अन्य संपत्तियां सरधना, मवाना और सदर तहसील में स्थित हैं, जिनमें से अधिकांश कृषि भूमि हैं। मेरठ में 19 कृषि संपत्तियों को कब्जामुक्त कराकर नीलाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
मूल्यांकन- पैमाइश के लिए मांगी रिपोर्ट
शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय के मुख्य पर्यवेक्षक ब्रिगेडियर यशपाल सिंह ने प्रदेश के सभी जनपदों में स्थित शत्रु संपत्तियों का नए सर्किल रेट के अनुसार मूल्यांकन और पैमाइश करने के लिए संयुक्त रिपोर्ट मांगी है। मेरठ में एक अगस्त 2025 से नए सर्किल रेट लागू किए गए थे। उन्होंने इन सर्किल रेट के आधार पर संपत्तियों का मूल्यांकन करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की मांग की है, जिसमें वर्तमान खतौनी, राजस्व मानचित्र, नजरी नक्शा, कोआर्डिनेट युक्त फोटो, सहखातेदार का प्रमाणपत्र और सर्किल रेट की छायाप्रति शामिल हैं। जिला प्रशासन ने सभी तहसीलों की टीम को इस कार्य में लगा दिया है।
8.71 करोड़ में बिकी कृषि भूमि
हाल ही में मेरठ जनपद में कुछ शत्रु संपत्तियों की नीलामी की गई थी, जिसमें सरधना तहसील के गांव महल में एक कृषि भूमि 8.71 करोड़ रुपये में नीलाम हुई। इस संपत्ति की रजिस्ट्री में 70 लाख रुपये से अधिक का स्टांप शुल्क भी अदा किया गया।
जनपदवार शत्रु संपत्तियों की संख्या
मेरठ 122, रामपुर 172, मुरादाबाद 149, अमरोहा 27, बिजनौर 79, गौतमबुद्धनगर 54, गाजियाबाद 27, शामली 141, सहारनपुर 125, मुजफ्फरनगर 401, बागपत 52, हापुड़ 42 और बुलंदशहर 343
जिलाधिकारी डा. वीके सिंह का कहना है कि शत्रु संपत्तियों का नए सर्किल रेट के आधार पर मूल्यांकन और संयुक्त पैमाइश की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही रिपोर्ट भेज दी जाएगी। संपत्तियों को कब्जामुक्त कराने के लिए अभिरक्षक कार्यालय की मांग पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल उपलब्ध कराया जाता है।
