मेरठ 03 अप्रैल (प्र)। विश्वविद्यालय ने आठ अप्रैल प्रारम्भ होने वाली वार्षिक प्रणाली के अंतर्गत व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की मुख्य परीक्षा एवं बैक पेपर परीक्षा के लिए परीक्षा केन्द्रों की सूची जारी कर दी है। यह सूची विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। सभी महाविद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने छात्रों को परीक्षा केन्द्रों की जानकारी समय रहते उपलब्ध कराएं। साथ ही परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरे, वॉयस रिकॉर्डर युक्त डीवीआर और राउटर डिवाइस सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया है।
विश्वविद्यालय द्वारा बीएड प्रथम वर्ष सत्र 2025 2027 के लिए महाविद्यालयों को यूजर आईडी एवं पासवर्ड जनरेट करने तथा वैकल्पिक (पेडागोजी) विषय भरने के निर्देश जारी किए गए हैं। सभी संस्थानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लॉगिन कर आवश्यक विवरण भरना अनिवार्य किया गया है। विशेष रूप से यह निर्देश दिया गया है कि वैकल्पिक विषय का चयन अत्यंत सावधानीपूर्वक किया जाए, क्योंकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही की पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित महाविद्यालय की होगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सम सेमेस्टर (द्वितीय सेमेस्टर को छोड़कर) जून के सभी पाठ्यक्रमों के आंतरिक परीक्षा अंक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। महाविद्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी छात्र का अंक अपलोड होने से न छूटे। अंक अपलोड करने से पहले पूणांक एवं प्राप्तांक का सावधानीपूर्वक परीक्षण करना आवश्यक बताया गया है। यदि निर्धारित समय (एक सप्ताह) के भीतर अंक अपलोड नहीं किए गए, तो संबंधित छात्रों के प्रवेश पत्र जारी नहीं किए जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी पूर्णतः महाविद्यालय की होगी।
आंतरिक अंक के बिना प्रैक्टिकल में प्रवेश नहीं
बीएड द्वितीय वर्ष के लिए विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों के आंतरिक परीक्षा अंक पोर्टल पर अपलोड नहीं होंगे, उन्हें किसी भी स्थिति में प्रयोगात्मक या मौखिक परीक्षा में शामिल नहीं किया जाएगा। हालांकि, छूटी हुई प्रैक्टिकल परीक्षा में शामिल होने का अवसर केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा, जिनके अंक परीक्षा से पहले अपलोड कर दिए जाएंगे। इस संबंध में लापरवाही बरतने वाले महाविद्यालयों के खिलाफ एनसीटीई एवं शासन स्तर पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। विश्वविद्यालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पीएचडी शोधार्थियों के लिए 5000 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति योजना की घोषणा की गई है। इस योजना का लाभ उन्हीं छात्रों को मिलेगा जिन्होंने यूजीसी नेट उत्तीर्ण किया है, आरडीसी से अनुमोदित हैं, तथा जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय पांच लाख से कम है। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित प्रारूप में आवेदन जमा करना होगा। यह छात्रवृत्ति अधिकतम दो वर्षों के लिए देय होगी और चयनित छात्रों की सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी महाविद्यालयों को निर्देशित किया है कि वे परीक्षा, आंतरिक मूल्यांकन एवं छात्रहित से जुड़े सभी कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखें। किसी भी प्रकार की लापरवाही न केवल छात्रों के भविष्य को प्रभावित करेगी, बल्कि संबंधित संस्थानों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
