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अप्रैल से हज यात्रा के पहले टूर को भेजने की व्यापक तैयारी, मिलेगा स्मार्ट रिस्ट बैंड

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मेरठ 13 जनवरी (प्र)। नये जमाने में हज करना है तो आपको सुविधाएं भी नये जमाने की ही मिलनी चाहिए। कुछ ऐसी ही हाइटेक तैयारियों के साथ इस साल का हज होने जा रहा है। इस साल यात्रियों को स्मार्ट रिस्ट बैंड दिये जाने की व्यवस्था की गयी है, ताकि कोई भी हज यात्री सऊदी में न भटके। इसके साथ ही रीयल टाइम ट्रेकिंग की सुविधा भी हज यात्रियों को पहली बार उपलब्ध कराई जा रही है। हज यात्रियों को अधिक व बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिनिधि मंडल ने सऊदी का दौरा कर वहां किये जा रहे इंतजामों का जायजा भी ले लिया है।

हज सऊदी अरब में मक्का की सालाना इस्लामी तीर्थयात्रा है। इसमें कई धार्मिक रस्में शामिल होती हैं। यह हर उस मुसलमान के लिए जिंदगी में एक बार करना फर्ज है जो इसका खर्च उठा सकता है और शारीरिक रूप से इसे करने में सक्षम है। हज इस्लाम के पांच स्तूनों में से एक है। अन्य स्तन में एक अल्लाह पर यकीन, नमाज, जकात और रोजा शामिल है। सऊदी अरब में हर साल पूरी दुनिया से लाखों की संख्या में मुसलमान हज करने के लिए आते हैं। इस साल सऊदी सरकार ने भारत का कोटा 1,75,025 यात्रियों का निर्धारित किया है। जबकि प्राइवेट टूर ऑपरेटरों के लिए 52 हजार सीटें रखी गयी हैं। सऊदी सरकार ने हज करने की ख्वाहिश रखने वाले दुनियाभर के मुसलमानों के लिए अहम ऐलान किया है।

सऊदी के हज और उमराह मंत्रालय ने साल 2026 के लिए डायरेक्ट हज प्रोग्राम के तहत पैकेज चुनने का फेज शुरू किया था। यह नुसुक हज प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया। इसमें योग्य देशों के संभावित तीर्थयात्रियों को लेवल कंटेंट और कीमत के हिसाब से सर्विस पैकेज देखने, उनकी तुलना करने और पांच पसंदीदा विकल्प चुनने की सुविधा दी गयी थी।

इस साल मिलेंगी हज में स्मार्ट फीचर
हज 2026 के लिए इस बार स्मार्ट तैयारियां की गयी हैं। इन यात्रिों को स्मार्ट रिस्टबैंड, लोकल सिमकार्ड, रीयल टाइम ट्रैकिंग, आपातकालीन स्टर अलर्ट, बैगेज टैग जैसी सुविधाएं मिलेंगी। हज यात्रियों को सुरक्षा और लोकेशन ट्रैक करने के लिए स्मार्ट वॉच, बैंड दिए जाएंगे, जो हज सुविधा ऐप से जुड़े होंगे। ताकि हज यात्री अगर किसी वजह से भटक जाये तो उनको ढूंढने में कोई परेशानी न हो। यह रिस्ट बैंड इसी माह वितरित किये जाने की तैयारी की जा रही है। भारत से जाने वाले हज यात्रियों को अलग-अलग होटलों तथा भवनों में ठहराया जाता है। इससे एक ही शहर के हज यात्री अलग-अलग भवन में होने की वजह से अपने हज के अरकान पूरे करने में परेशान होते हैं। क्योंकि पांच दिन के हज के बाद जब बाकी वक्त मक्का में कयाम होता है तो यात्री उमरा या तवाफ करने के लिए हरम जाना चाहता है।

गैर मेहरम खातीन के लिए अलग समूह
हमेशा की तरह इस साल भी हज यात्रियों के लिए नियम में सख्ती की गयी है जैसे बिना महरम वाली महिलाओं के लिए अलग समूह बनाये जायेंगे और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहायक की अनिवार्यता की गयी है। वरिष्ठ नागरिकों (65 वर्ष) को 60 साल कम उम्र के सहायक के साथ यात्रा करनी होगी। सऊदी अरब का नुसुक हज ऐष यात्रियों को कई डिजिटल सहूलियत देता है। यहां यात्री पैकेजों की तुलना कर सकते हैं, डिजिटल वॉलेट से किश्तों में भुगतान कर सकते हैं और आधिकारिक तौर पर स्वीकृत सेवा प्रदाताओं की सूची देख सकते हैं। यानी अगर कोई यात्री कम बजट में हज करना चाहता है, तो वह ऐसे पैकेज को चुन सकता है जिसमें बुनियादी सुविधा हो सऊदी सरकार ने हज यात्रियों से आग्रह किया है कि वे प्लेटफॉर्म पर अपना रजिस्ट्रेशन कराएं या अपनी जानकारी अपडेट करें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि व्यक्तिगत डेटा और दस्तावेद सही हों परिवार के सदस्यों को एक आवेदन में जोड़ने की सलाह दी गई है।

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