Friday, August 29

फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश, विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले 7 गिरफ्तार

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वाराणसी 27 अगस्त। वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की तरफ से एक बड़े गैंग का पर्दाफाश किया गया है. यह गैंग फर्जी कॉल सेंटर की मदद से लोगों को विदेश में नौकरी देने का दावा करता था. इस गैंग ने करीब 6000 लोगों को ठगा था. 50000 रुपये लोगों से लेकर यह फर्जी वीजा पासपोर्ट बनाकर उन्हें विदेश में नौकरी देने का फर्जीवाड़ा करता था. फिलहाल इस मामले में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है.

जानकारी के अनुसार फर्जी कॉल सेंटर बनाकर एक गैंग पहले लोगों को एडवर्टाइजमेंट के नाम पर जोड़ता था. उसके बाद उनसे संपर्क करके विदेश में नौकरी देने के नाम पर फर्जी दस्तावेज वीजा पासपोर्ट बनाने का दावा करता था. इस दौरान प्रत्येक व्यक्ति से 50000 रुपया लिया जाता था. लोग नौकरी के नाम पर ऐसे लोगों को पैसा भी देते थे और पैसा लेने के बाद यह गैंग उस व्यक्ति के संपर्क से बिल्कुल बाहर हो जाता था.

पुलिस ने रोहनिया थाना क्षेत्र के बच्छांव निवासी राकेश यादव, शिवधामनगर कालोनी के राहुल गुप्ता, आदमपुर के जुगुलटोला के मो. असलम, प्रियांशु प्रजापति, नचनीकुआं के अमित कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। इनके साथ ही गिरोह में शामिल दो महिलाओं को भी गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने इनके पास से एक लैपटाप, नौ मोबाइल, सात नियुक्ति पत्र, दो वीजा, एक पासपोर्ट, आठ डेबिट कार्ड, चार सिम कार्ड आदि बरामद किया है।

पुलिस को काल सेंटर से मिले लैपटाप में पांच हजार युवकों के नाम से तैयार फर्जी नियुक्ति पत्र मिला है। इससे आशंका है इतने युवक गिरोह के शिकार हुए हैं। इनमें बलिया, पंजाब, हरियाणा समेत अन्य प्रदेशों के युवक हैं।

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान 6000 एयर टिकट बरामद हुए हैं जिसके आधार पर यह स्पष्ट है कि इन लोगों ने 6000 लोगों को विदेश में नौकरी देने के नाम पर ठगा है.

जानकारी के अनुसार इस गैंग से पुलिस और जांच एजेंसियों की पूछताछ लगातार जारी है. अभी तक यह बात स्पष्ट है की इस गैंग का कनेक्शन विदेश तक है. वाराणसी बलिया गाजीपुर सहित पूर्वांचल के लोगों को विशेष तौर पर नौकरी के नाम पर यह लोग निशाना बनाते थे. वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट का कहना है कि इनसे पूछताछ लगातार जारी है.

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