मेरठ, 01 अप्रैल (हि)। एक वर्ष की अवधि के दौरान शहर में तीन विभिन्न उपकेंद्रों पर दस-दस एमवीए के क्षतिग्रस्त हुए ट्रांसफार्मरों का मामला पावर कारपोरेशन लखनऊ तक पहुंच गया। यूपीपीसीएल चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल के निर्देश पर एमडी पीवीवीएनएल रवीश गुप्ता ने पांच बिजली अफसरों को निलंबित कर दिया। इनमें एक अधिशासी अभियंता, दो-जो एसडीओ और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं।
जिन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, इनमें अधिशासी अभियंता विपिन कुमार सिंह, एसडीओ विद्यासागर, विशाल सिंह, जेई सतीश चंद चौधरी, अनुराग प्रताप सिंह शामिल है। पांच अधिकारियों का निलंबन आदेश एमडी पीवीवीएनएल रवीश गुप्ता ने जारी कर दिया। एमडी ने पूरे मामले में मुख्य अभियंता मेरठ जोन प्रथम मुनीश चोपड़ा एवं अधीक्षण अभियंता शहर मोहम्मद अरशद से स्पष्टीकरण मांगा है।
लखनऊ तक पहुंची शिकायत तो मची खलबली रू पांच बिजली अफसरों को जिन मामलों में निलंबित किया है। इनमें तीन उपकेंद्रों पर दस-दस एमवीए के ट्रांसफार्मरों का क्षतिग्रस्त होना था। सोफीपुर उपकेंद्र पर 15 मार्च 2026 को, उद्योगपुरम उपकेंद्र पर 22 जनवरी 2026 को एवं रामलीला ग्राउंड उपकेंद्र पर 14 जुलाई 2025 को दस-दस एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर फुंका था। यूपीपीसीएल चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल तक शिकायत पहुंची कि इन मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई नहीं की गई। मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता केवल छोटे ट्रांसफार्मरों के क्षतिग्रस्त होने पर अधीनस्थ कर्मचारियों पर पेनल्टी लगाई जा रही है।
गोपनीय जांच कराकर तीन दिन में मांगी रिपोर्ट
यूपीपीसीएल चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल ने पूरे मामले की जांच बैठा दी। एमडी पीवीवीएनएल रवीश गुप्ता को निर्देश दिए हैं कि वह तीनों मामलों की गोपीनीय जांच कराए और तीन दिन में संस्तुति समेत रिपोर्ट भेजें। चर्चाएं हैं कि पश्चिमांचल में कार्रवाई तय होने के बाद तक ट्रांसफार्मरों को क्षतिग्रस्त नहीं होना दर्शाकर बल्कि उनमें तकनीकी खामियां बताई जा रही हैं। ऐसा करके जिम्मेदार अधिकारियों को बचा लिया जाता है।
पांच अफसर निलंबित तीन ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त होने पर
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