नई दिल्ली 26 जुलाई। 15 अगस्त को लेकर चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था में जुटी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पांच अंतरराज्यीय हथियार और जाली नोटों की तस्कर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में सरगना और एक महिला तस्कर शामिल हैं। इनके पास से 10 अर्ध-स्वचालित पिस्टल, 68 कारतूस, 4.10 लाख के जाली नोट व एक बुलेटप्रूफ स्कार्पियो सहित तीन कारें बरामद की है। बरामद हथियारों की आपूर्ति दिल्ली-एनसीआर के बदमाशों को की जानी थी।
डीसीपी अमित कौशिक के मुताबिक गिरफ्तार किए गए तस्करों के नाम रवि ठाकुर (मथुरा), योगेश फोगाट (गुरुग्राम), कुलदीप (सोनीपत), मीरा (मथुरा) और समसू खान (फिरोजाबाद) है।
एसीपी कैलाश बिष्ट, इंस्पेक्टर राहुल कुमार और विनीत कुमार तेवतिया की टीम ने मध्य प्रदेश से अवैध हथियार, कारतूस और बिहार के सिवान से नकली भारतीय मुद्रा की आपूर्ति में शामिल पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया।
बरामद कारतूस में प्वाइंट 32 बोर के 54 कारतूस व प्वाइंट 315 बोर के 10 कारतूस, नाइन एमएम के चार कारतूस हैं। वहीं बरामद नकली नाेट 500-500 के हैं। इन सभी के मोबाइल भी जब्त कर लिए गए हैं।
छह जुलाई को सेल को सूचना मिली कि मथुरा का रहने वाला रवि ठाकुर नाम का व्यक्ति हथियार तस्करी में लिप्त है। उसे मथुरा से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से प्वाइंट 32 बोर की पांच अर्ध-स्वचालित पिस्टल और 10 कारतूस बरामद किए गए।
इससे पूछताछ के आधार पर योगेश फोगाट को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया गया। योगेश फोगाट ने अवैध हथियार खरीदने के लिए पैसे हैंडलर के खाते में ट्रांसफर किए थे। उसकी निशानदेही पर उसकी कार से भी एक पिस्टल बरामद की गई। योगेश की निशानदेही पर बाद में कुलदीप को गिरफ्तार किया गया।
कुलदीप ने योगेश फोगाट से पिस्टल खरीदी थीं और उन्हें दिल्ली और हरियाणा के स्थानीय अपराधियों को सप्लाई किया था। कुलदीप की निशानदेही पर उसकी कार से एक पिस्टल और 35 कारतूस बरामद किए गए।
कार (स्कार्पियो) की जांच करने पर वह बुलेटप्रूफ पाई गई। इसके बाद 24 जुलाई को गिरोह की एक महिला हथियार तस्कर मीरा को गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर मथुरा स्थित उसके आवास से प्वाइंट 32 बोर के पांच कारतूस बरामद किए गए।
गिरोह के सरगना से जाली नोट मिले
आरोपी मीरा की निशानदेही पर गिरोह के सरगना समसू उर्फ रेहान को फिरोजाबाद की स्थानीय पुलिस की सहायता से 25 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। उसके आवास की तलाशी के दौरान .32 बोर की 3 अर्ध-स्वचालित पिस्तौलें, .315 बोर के 10 कारतूस, 9 मिमी के 4 कारतूस, .32 के 4 कारतूस और कुल 4,10,000 रुपये के जाली नोट बरामद किए गए।
कोड भाषा का इस्तेमाल करते थे
गिरोह मध्य प्रदेश से अवैध हथियारों और गोला-बारूद की खरीद कर दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में वितरण के समन्वय के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कोडेड संदेशों का इस्तेमाल करता था। नेटवर्क के प्रत्येक स्तर, यानी आपूर्तिकर्ता, बिचौलिए और स्थानीय वितरक, प्रत्येक हथियार की डिलीवरी पर अच्छा-खासा कमीशन कमाते थे। मीरा पति से अलग होने के बाद समसू खान उर्फ रेहान के संपर्क में आई और मध्य प्रदेश से हथियारों की तस्करी शुरू कर दी।
वह समसू खान के निर्देश पर मुंबई, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में सप्लाई करने लगी। आरोपी समसू खान उर्फ रेहान उर्फ राहुल अवैध हथियारों के मामले में एटीएस के निशाने पर रहने के कारण हुगली, पश्चिम बंगाल में रह रहा है। सोशल मीडिया की मदद से अपना गिरोह चला रहा था और कभी-कभी अपने पैतृक निवास फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश भी जाता था। वह बिहार के सिवान निवासी अपने सहयोगी से नकली भारतीय नोट खरीदता है और उसका इस्तेमाल अवैध हथियारों की तस्करी में करता है।
दिल्ली पुलिस की टीम अब इस पूरे गैंग से जुड़े बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है. दिल्ली पुलिस के द्वारा इस बात की भी जांच हो रही है कि क्या यह नेटवर्क किसी आतंकी संगठन या विदेशी फंडिंग से तो नहीं जुड़ा हुआ है.