Monday, March 9

कपसाड़ कांडः आठ घंटे के रिमांड पर आया पारस सोम, बरामद नहीं हुआ हत्या में प्रयुक्त फरसा

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मेरठ 09 मार्च (प्र)। कपसाढ़ कांड एक बार फिर सुर्खियों में है। रविवार को वंचित समाज की युवती रूबी के अपहरण, बंधक बनाकर रखने व उसकी मां सुनीता की हत्या में जिला जेल में बंद आरोपित पारस सोम को पुलिस आठ घंटे के रिमांड पर सरधना थाने लाई। यहां उससे पूछताछ कर हत्या में प्रयुक्त फरसा बरामद करने का प्रयास किया। कपसाड़ व गंग नहर पुल पर कई स्थानों पर जंगल में पुलिस ने फरसा तलाशा लेकिन बरामद नहीं हो पाया। इस दौरान पुलिस के साथ पारस सोम के दो अधिवक्ता भी साथ रहे। शाम छह बजे पारस सोम को पुलिस ने फिर जेल में दाखिल करा दिया। पुलिस अब पारस के खिलाफ बालिग आरोपित के रूप में आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी में है।

किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) में इस मामले की जांच कर रहे सीओ आशुतोष कुमार ने हत्या में प्रयुक्त फरसा बरामद करने को पारस सोम का रिमांड मांगा था। न्यायालय ने आठ घंटे का रिमांड मंजूर किया था। इस दौरान उसके अधिवक्ता संजीव राणा व बलराम सोम को साथ रखने, जेल से रिमांड पर लेने और दाखिल करने के दौरान डाक्टरी परीक्षण का आदेश दिया था। रविवार सुबह सीओ आशुतोष कुमार सरधना पुलिस संग जिला जेल पहुंचे। यहां डाक्टरी परीक्षण के बाद पारस सोम को पुलिस ने हिरासत में लिया। उसके दोनों अधिवक्ता साथ रहे। पुलिस पारस को पहले सरधना थाने लाई। यहां उससे हत्या में प्रयुक्त फरसे के बारे में जानकारी की। बाद में पुलिस उसे लेकर कपसाड़ जंगल गई। चौ. चरण सिंह कांवड़ मार्ग के करीब कई स्थानों पर भी सर्च अभियान चलाया लेकिन फरसा बरामद नहीं हुआ। शाम पांच बजे पुलिस मेरठ रवाना हुई। डाक्टरी परीक्षण के बाद पुलिस ने पारस को जिला जेल में दाखिल कराया।

पारस के आने की सूचना पर गांव में रही गहमागहमी
पारस सोम के पुलिस रिमांड पर आने व गांव में फरसा बरामद करने की सूचना से कपसाड़ गांव में पूरे दिन गहमा गहमी रही। शनिवार रात से ही गांव में पुलिस लगा दी थी। रूवी के घर भी पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाई। पुलिस ने पारस को थाने लाने, गांव ले जाने और सर्च अभियान की किसी को भनक नहीं लगने दी। जब पारस को जंगल व चौ. चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर ले जाया गया, वहां वाहनों का आवागमन बंद कर दिया। गांव से भी किसी को बाहर आने नहीं दिया गया। थाने में भी किसी को पारस से नहीं मिलने दिया गया। पुलिस के अलावा कोई भी पारस की झलक नहीं देख सका।

एसएसपी अविनाश पांडेय का कहना है कि पारस को न्यायालय के आदेश पर आठ घंटे के रिमांड पर लेकर सभी संभावित स्थानों पर ले जाकर हत्या में प्रयुक्त फरसा बरामद करने का प्रयास किया लेकिन फरसा बरामद नहीं हुआ। रूबी पहले ही 164 के बयान न्यायालय में दर्ज करा चुकी है। पारस सोम की उम्र 17 साल 8 माह आई है। दिल्ली में हुए निर्भया कांड के बाद किशोर आरोपित की उम्र को लेकर दिए गए दिशा-निर्देश के बाद पारस के खिलाफ न्यायालय में उसे बालिग आरोपी मानते हुए आरोप पत्र प्रस्तुत किया जाएगा।

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