Sunday, July 21

योगी कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी, उज्ज्वला योजना, गन्ना किसानों को 1371 करोड़, आजम से वापस ली जाएगी जौहर ट्रस्ट की जमीन

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लखनऊ 31 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज लोकभवन में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कई अहम प्रस्‍तावों को मंजूरी दी गई। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार किसानों से लेकर रोजगार तक पर काम करती दिख रही है। रोजगार के लिए बड़े स्तर पर निवेश का प्रस्ताव तैयार किया गया है। गन्ना किसानों के बकाए के भुगतान का निर्णय लिया गया है। दिवाली से पहले ही गन्ना किसानों की दिवाली हो गई है। योगी कैबिनेट ने गन्ना किसानों के बकाए के भुगतान के लिए 24 घंटे के भीतर 1371 करोड़ के भुगतान पर मुहर लगा दी गई। साथ ही, आजम खान को भी कैबिनेट की बैठक के बाद बड़ा झटका लगा है। जौहर ट्रस्ट की जमीन को वापस लेने का प्रस्ताव कैबिनेट में पास हो गया है। इसके अलावा योगी कैबिनेट ने विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए एफडीआई की नई नीति को मंजूरी दे दी गई है। योगी कैबिनेट ने उज्ज्वला योजना के तहत दीवाली पर मुफ्त सिलेंडर के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 1.75 करोड़ परिवारों को इस योजना का फायदा मिलेगा। लोकभवन में सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कैबिनेट की बैठक का आयोजन गया है। इसमें डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक समेत तमाम मंत्री मौजूद रहे। बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट में हुए फैसलों की जानकारी दी।

योगी आदित्यनाथ सरकार ने समाजवादी पार्टी नेता आजम खान की जौहर ट्रस्ट से जमीन वापस लेने के प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है। कैबिनेट में जौहर ट्रस्ट से जुड़ा प्रस्ताव रखा गया था। इस पर कैबिनेट ने विचार के बाद मंजूरी दे दी है। जौहर विश्वविद्यालय से 41,000 वर्ग फुट जमीन वापस लिए जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने हरी झंडी दी है।
यूपी में गन्ना किसानों को सरकार ने बकाया भुगतान के लिए 1371 करोड रुपए ट्रांसफर किए हैं। गन्ना किसानों की ओर से बकाया भुगतान की मांग लगातार की जा रही थी।चीनी मिलों को तत्काल किसानों का बकाया जारी करने के आदेश किए गए हैं।

योगी कैबिनेट की बैठक में एफडीआई पर नई नीति को मंजूरी दी गई है। यूपी सरकार प्रदेश में निवेश प्रस्तावों की गति को तेज करने की योजना पर लगातार काम कर रही है। इसके लिए लगातार विदेशी कंपनियों को अपने यहां इकाई खोलने का प्रस्ताव दिया गया है। इस क्रम में सरकार ने नई एफडीआई नीति के तहत फैसला लिया है कि बड़े निवेशकों को सस्ती जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इससे उन्हें अपनी इकाई प्रदेश में खोलने में आसानी होगी। इसके साथ-साथ जमीन खरीद के लिए स्टैंप ड्यूटी में सुविधा देने की भी तैयारी की गई है। 100 करोड़ रुपये के निवेश पर सरकार की सुविधाओं का लाभ निवेशकों को मिलेगा। यह सुविधा अगले पांच सालों के लिए दी गई है।

योगी कैबिनेट ने नई शीरा नीति को भी मंजूरी दे दी है। इसके अलावा कई थाना निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। आगरा, वाराणसी, मथुरा, लखनऊ समेत अन्य शहरों में नए थाना भवन निर्माण का प्रस्ताव पास कर दिया गया है। इसके अलावा मिर्जापुर- सोनभद्र में एससी- एसटी संग्रहालय का निर्माण कराए जाने की योजना को मंजूरी दी गई है। मिर्जापुर का यह जनजातीय संग्रहालय क्षेत्र की विशेषताओं को प्रदर्शित करने वाला होगा। सहकारिता के विशेष जांच दल का सीबीसीआईडी में विलय किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। देवीपाटन- विंध्याचल मंडल और मुरादाबाद मंडल में नई यूनिवर्सिटी का निर्माण कराए जाने के प्रस्ताव को भी पास कर दिया गया है। ग्रेटर नोएडा स्थित सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक कंपनी को अब वित्तीय राहत दी जाएगी। सरकार कंपनी को 15 सालों के लिए 1751 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान करेगी।

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