Sunday, April 19

24 साल पुराने धनंजय सिंह पर फायरिंग केस में विधायक अभय सिंह बरी

Pinterest LinkedIn Tumblr +

वाराणसी 15 अप्रैल। उत्तर प्रदेश के वाराणसी कोर्ट ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह फायरिंग केस में फैसला सुनाया है। जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके साथियों पर 24 साल पहले वाराणसी के नदेसर इलाके में दिनदहाड़े जानलेवा हमला हुआ था। इस केस में वाराणसी एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष जज यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने आरोप साबित नहीं होने पर आरोपियों को संदेह का लाभ दिया। विधायक अभय सिंह, संजय सिंह रघुवंशी, सतेंद्र ऊर्फ बबलू सिंह, संदीप सिंह उर्फ पप्पू, विनोद सिंह और एमएलसी श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह को केस में बरी कर दिया।

मामले में अभियोजन पक्ष का आरोप है कि 4 अक्टूबर 2002 को जौनपुर के पूर्व सांसद एवं तत्कालीन विधायक धनंजय सिंह पर घात लगाकर हमला किया गया। दरअसल, धनंजय सिंह अपने कुछ साथियों के साथ सफारी गाड़ी से अस्पताल में भर्ती पारिवारिक सदस्य को देखकर जौनपुर लौट रहे थे। शाम के 6 बजे का समय था। उनकी गाड़ी जैसे ही नदेसर क्षेत्र स्थित टकसाल सिनेमा हाल के समीप पहुंचे, पहले से वहां घात लगाए अभय सिंह अपने साथियों के साथ सफारी और बोलेरो गाड़ी से उतरे।

आरोप है कि धनंजय सिंह को जान से मारने की नियत से उन पर अंधाधुंध फायरिंग की गई। इस दौरान धनंजय सिंह के गनर ने भी आत्मरक्षा में गोली चलाना शुरू कर दिया। इसी दौरान मौके पर पुलिस की गाड़ी आ गई। इसे देखते ही अभय सिंह और उसके साथी अपनी गाड़ी से कचहरी की तरफ भाग गए।

अभियोजन पक्ष की ओर से दावा किया गया कि हमले में तत्कालीन विधायक धनंजय सिंह, गनर वासुदेव पांडेय, ड्राइवर दिनेश कुमार गुप्ता समेत अन्य लोग घायल हुए थे। मौके पर गोली चलने से अफरातफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे थे। घटना के दौरान पहुंची पुलिस ने धनंजय सिंह और घायल साथियों को मलदहिया के सिंह मेडिकल हॉस्पिटल में भर्ती कराया।

तत्कालीन विधायक धनंजय सिंह ने जानलेवा हमला के मामले में अभय सिंह और अन्य के खिलाफ कैंट थाना में नामजद केस दर्ज कराया। कैंट पुलिस ने घटना की जांच पूरी कर अभय सिंह, संजय सिंह रघुवंशी, सतेंद्र सिंह उर्फ बबलू, संदीप सिंह उर्फ पप्पू, विनोद सिंह एवं एमएलसी श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह के खिलाफ 14 दिसंबर 2002 को कोर्ट में चार्जशीट दायर की।

घटना के समय धनंजय सिंह रारी विधानसभा क्षेत्र के विधायक थे। कोर्ट में लगातार मामले की सुनवाई चलती रही। अभय सिंह पक्ष की ओर से लगातार इस घटना में संलिप्तता से इनकार किया गया। कोर्ट में इस संबंध में पर्याप्त सबूत पेश नहीं किया जा सका। कोर्ट ने सबूतों की कमी के आधार पर विधायक अभय सिंह समेत तमाम आरोपियों को बरी कर दिया।

Share.

About Author

Leave A Reply