Friday, March 6

अब नौ साल के लिए होगा विज्ञापन का ठेका

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मेरठ 06 मार्च (प्र)।शासन ने उप्र विज्ञापन नियमावली 2026 बना दी है। जो नए वित्तीय वर्ष से नगर निगम लागू करने जा रहा है। अभी तक अधिकतम दो साल के लिए विज्ञापन का ठेका होता था, अब नई नियमावली के अनुसार नौ साल के लिए ठेका दिया जाएगा। साथ ही तीन साल तक और बढ़ाने का मौका मिलेगा। नई नियमावली का उद्देश्य शहर में अवैध और बेतरतीब होर्डिंग्स हटाना और उनकी जगह आधुनिक एलईडी डिस्प्ले बोर्ड और इलेक्ट्रॉनिक साइनेज विज्ञापन को बढ़ावा देना है। जो रात में रोशनी बढ़ाने के साथ लोगों को नजर आएंगे। लंबी अवधि के लिए ठेका मिलने से बड़ी कंपनियां निवेश करेंगी। इससे न केवल नगर निगम की विज्ञापन मद में आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर खुलेंगे।

नई नियमावली में पुराने और ढीले नियमों को बदलकर नए मानक तय किए गए हैं। पहले विज्ञापन की अवधि कम होती थी। इससे निवेशक बड़े प्रोजेक्ट्स में कतराते थे। नगर आयुक्त ने नई नियमावली लागू करने के लिए अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता, विज्ञापन पट प्रभारी, वित्त अधिकारी की एक कमेटी का गठन कर दिया है। यह कमेटी नई नियमावली के अनुसार जल्द टेंडर निकालने के लिए प्रस्ताव तैयार करेगी। प्रस्ताव बनाने के लिए शहर के सभी मार्गों का सर्वे कराया जाएगा। शासन से जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि नई नियमावली की शर्तों के अनुसार 90 दिनों के भीतर वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर एजेंसी का चयन किया जाएगा। निगम को इसी अवधि में सर्व और टैंडर प्रक्रिया करनी है। वर्तमान में नगर निगम क्षेत्र का विज्ञापन का ठेका अभिनव एडवरटाइजिंग एजेंसी के पास है जो 31 मार्च को समाप्त हो रहा है।

लंबी अवधि के ठेके से आएगा बड़ा निवेश
वर्तमान में निगम अधिकतम दो साल के लिए विज्ञापन का ठेका छोड़ता है। वर्तमान दो वर्षीय ठेके से निगम को 10 करोड़ की आय हुई है। पुरानी व्यवस्था से यदि ठेका होता तो नौ साल में 70 से 80 करोड़ रुपये की आय होती लेकिन नई नियमावली में बड़ी कंपनियों के लिए रास्ते खुल गए हैं। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने कहा कि लंबी अवधि के लिए निवेश करने में कंपनियां आगे आएंगी। इससे ठेके में विज्ञापन की दरों को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। अधिकतम दर पर ठेके छोड़े जाएंगे। नई नियमावली और नमो भारत और मेट्रो का संचालन शुरू होने से बड़े निवेश की संभावनाएं और बढ़ी हैं। जल्द प्रस्ताव बनाकर टेंडर किया जाएगा।

नई नियमावली में ऐसी रहेगी व्यवस्था

  • किसी भी भवन, परिसर पर विज्ञापन लगाने से पहले स्ट्रक्चरल इंजीनियर से प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा।
  • प्रतिबंधित प्लास्टिक से बने होर्डिंग्स और बैनरों पर पूरी तरह रोक रहेगी।
  • मेला, जादू शो या संगीत समारोह जैसे कार्यक्रमों के प्रचार के लिए नगर निगम से अस्थायी लाइसेंस लेना होगा।
  • दुकान के नाम के साथ किसी वस्तु का उल्लेख होगा। उसके गुण आदि का विवरण होगा तो ऐसा विज्ञापन नहीं लगा सकेंगे
  • दुकानों पर संकेतक की चौड़ाई उस दुकान की चौड़ाई से अधिक नहीं होगी।
  • चौराहों, सड़क किनारे या डिवाइडर पर भारी भरकम होर्डिंग की जगह कम ऊंचाई और कम चौड़ाई के होर्डिंग लगाने की अनुमति होगी।
  • प्रमुख मार्गों पर यूनीपोल की जगह एलइडी डिस्प्ले बोर्ड और इलेक्ट्रानिक साइनेज विज्ञापन को बढ़ावा दिया जाएगा।

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