Wednesday, March 18

पराग डेरी पर किसानों का 32 करोड़ रुपये बकाया, गेट पर जड़ दिया ताला

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मेरठ 18 मार्च (प्र)। पराग डेरी की हठधर्मिता के कारण पांच जनपदों के किसान परेशान हैं। उनका तीन माह से करीब 32 करोड़ रुपये का भुगतान रुका है। किसानों का कहना है कि उन्हें न तो फोन पर कोई सीधा जवाब दिया जा रहा था और न ही अन्य माध्यम से। इसलिए मंगलवार को वह गंगोल तीर्थ स्थित पराग डेरी प्लांट पर पहुंचे और हंगामा किया। किसानों ने गेट पर बाहर से ताला जड़ दिया। बाद में जीएम से फोन पर बात होने के बाद किसान धरने से उठे । कई जनपदों से आए किसान कुलदीप कुमार, दीपक कुमार, प्रदीप शर्मा, रोहित चौधरी, नीरज कुमार व सलेखचंद ने बताया कि प्लांट में मेरठ मंडल के पांच जनपद बुलंदशहर गाजियाबाद, बागपत, मेरठ, हापुड़ के किसानों का दूध आता है। पराग डेरी ने सभी जनपदों में अपने सेंटर खोल रखे हैं।

किसान सेंटरों पर दूध डालते हैं, लेकिन पेमेंट प्लांट से मिलता है। पिछले तीन माह का पेमेंट रोक रखा है किसानों ने बताया कि 32 करोड़ रुपये पेमेंट बकाया है। किसान दोपहर 12 बजे पराग डेरी प्लांट के गेट पर पहुंचे तो गाड़ ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। जिसके बाद किसानों ने बाहर से ही गेट पर ताला लगा दिया। जीएम अविनाश कुमार अपने कार्यालय में नहीं थे। हालांकि बाद में मैनेजर विनोद कुमार, डीएन शर्मा व सुधीर राठी किसानों के बीच पहुंचे और उन्होंने जीएम से उनकी फोन पर बात कराई। जीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि 23 मार्च को उनका पेमेंट कर दिया जाएगा। जिसके बाद किसानों ने धरना खत्म किया। किसान करीब तीन घंटे तक पराग गेट पर डटे रहे।

किसान कुलदीप कुमार ने बताया कि जब वह गेट पर पहुंचे तो गार्ड ने अंदर से गेट बंद कर दिया। उन्होंने प्लांट की देहात प्रभाग की प्रभारी गीता को मैसेज भेजा कि किसान बात करेंगे, लेकिन गीता ने किसानों से बात करने से मना कर दिया। जिसके बाद किसान गेट पर धरने पर बैठे।

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