मेरठ, 05 मार्च (हि)। मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक के मेट्रो सफर में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा दांव पर है। कॉरिडोर के 12 स्टेशनों में से केवल आठ पर ही वाहन पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। बाकी स्टेशनों पर पार्किंग न होने से वाहनों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। इस समस्या में शहर का सबसे प्रमुख बेगमपुल स्टेशन भी शामिल है जहां प्रतिदिन लोग नमो भारत और मेट्रो के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि बेगमपुल स्टेशन पर कुछ बाइकों के खड़े होने की व्यवस्था तो की गई है लेकिन चार पहिया वाहनों (कार) के लिए कोई इंतजाम नहीं है।
एनसीआरटीसी की घोषित वाहन पार्किंग
■ मेरठ साउथ स्टेशन की पार्किंग में 289 चारपहिया और 854 दोपहिया वाहन खड़े किए जा सकते हैं। यह स्टेशन परतापुर बाईपास के नजदीक है और इसके पास से हरिद्वार की बसें मिलती हैं।
■ मोदीपुरम स्टेशन पर 135 से अधिक कारें और 1200 से अधिक दोपहिया वाहन खड़े हो सकते हैं।
■ शताब्दी नगर स्टेशन पर करीब 120 कारें और 350 से अधिक दोपहिया वाहन खड़े करने की व्यवस्था है।
■ परतापुर मेट्रो स्टेशन पर करीब 160 दोपहिया वाहनों की पार्किंग है।
■ रिठानी मेट्रो स्टेशन पर भी 80 दोपहिया वाहनों को पार्क किया जा सकता है।
■ ब्रह्मपुरी स्टेशन पर 100 से अधिक दोपहिया वाहन पार्क होंगे।
■ एमईएस कॉलोनी मेट्रो स्टेशन पर भी 60 से अधिक वाहनों के लिए है पार्किंग ।
■ डौरली स्टेशन पर लगभग 100 दोपहिया वाहनों की पार्किंग हो सकती है।
■ एनसीआरटीसी का सुझाव: अबूलेन का करें इस्तेमाल पार्किंग की समस्या पर एनसीआरटीसी का कहना है कि कई स्टेशनों पर जगह की कमी के कारण पार्किंग बनाना संभव नहीं हो पाया है। अधिकारियों ने सुझाव दिया है कि बेगमपुल अंडरग्राउंड स्टेशन का उपयोग करने वाले यात्री अपने वाहन नजदीकी अबूलेन मार्केट की पार्किंग में खड़े कर सकते हैं।
सिर्फ 8 पर ही पार्किंग 12 मेट्रो स्टेशनों में से
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