Friday, April 17

किताबें, यूनीफार्म चिन्हित दुकानों से खरीदने को बाध्य न करें स्कूल संचालकः जिलाधिकारी

Pinterest LinkedIn Tumblr +

मेरठ 17 अप्रैल (प्र)। स्कूलों में मनमानी फीस और एक ही दुकान से किताबें, यूनिफार्म खरीदने को लेकर लगातार सामाजिक संगठन विरोध कर रहे हैं। इसी को लेकर गुरुवार को डीएम डा. वीके सिंह ने विकास भवन के सभागार में स्कूल प्रबंधकों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूल प्रबंधक किसी भी अभिभावक को पुस्तकें, यूनिफार्म, जूते आदि सामान किसी विशिष्ट दुकान से खरीदने के लिए बाध्य न करें। यदि कोई ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिला नियामक समिति की बैठक में स्कूल प्रबंधकों को बताया गया कि यदि वह अभिभावकों को एक ही से किताबें, यूनिफार्म, जूते दुकान और अन्य सामान खरीदने के लिए मजबूर करते हैं तो उनके खिलाफ शिक्षा के अधिकार अधिनियम-2009 और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली-2011 के प्रविधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निर्देश दिए गए कि आनलाइन लाटरी के माध्यम से दुर्बल वर्ग के बच्चों का चयन कर प्रवेश लिया जाए। विद्यालय स्तर पर वाहन सुरक्षा समिति का गठन किया जाए। जिसकी सूचना आरटीओ कार्यालय में देने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में भी दी जाए।

स्कूली वाहन चालक के पास वैद्य परमिट, इंश्योरेंस पंजीकरण, फिटनेस प्रमाण पत्र साथ रहना चाहिए। यदि किसी के पास नहीं मिलेगा तो उसका चालान किया जाएगा। साथ ही स्कूली वाहन का वैद्य परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र होने का एक 100 रुपये के स्टांप पर शपथ पत्र बनवाए और उसे परिकन विभाग की वेबसाइट upisvmp.com पर अपलोड करें जिन स्कूलों के पास वाहनों की सुविधा नहीं है, वह शपथ पत्र पर यही लिखकर अपलोड करें कि उनके पास वाहन की सुविधा नहीं है।

बैठक में सीडीओ नूपुर गोयल, बीएसए आशा चौधरी, समिति सदस्य राहुल केसरवानी, मेरठ पब्लिक स्कूल के प्रबंधक मयंक अग्रवाल, बेंज एजुकेशन वर्ल्ड स्कूल से राम गोपाल मल्होत्रा समेत अन्य स्कूलों के प्रबंधक और उनके एकाउंटेंट मौजूद रहे।

बढ़ाए गए शुल्क की जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में दे
डीएम ने बैठक में निर्देश दिए कि जिन स्कूलों ने नए शैक्षिक सत्र में पिछले साल के मुकाबले इस साल शुल्क में बढ़ोतरी की है, वह पूरा विवरण विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य के संयुक्त हस्ताक्षर के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यालय में जमा करें। साथ ही यह भी बताए कि शुल्क क्यों बढ़ाया गया। इसकी वजह क्या रही।

Share.

About Author

Leave A Reply