Monday, January 26

घायलों की जान बचाने को हाईवे पर दौड़ेगी पुलिस एंबुलेंस

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मेरठ 07 जनवरी (प्र)। सड़क हादसों में घायलों की जान बचाने को मेरठ पुलिस ने अनूठी पहल की है। एनएच-58 पर पुलिस एंबुलेंस दौड़ेगी। शहर के एक बड़े अस्पताल और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर पुलिस एंबुलेंस की प्लानिंग की। अस्पताल से एक एंबुलेंस पुलिस विभाग को दी गई है। इस पर मेडिकल स्टाफ, ड्राइवर अस्पताल का रहेगा, जबकि 12-12 घंटे की शिफ्ट में एक पुलिसकर्मी ड्यूटी करेगा। पुलिसकर्मी के पास वायरलेस सेट होगा और हादसा होने पर पुलिस टीम के साथ यह एंबुलेंस मौके पर पहुंच जाएगी। ऐसे में घायलों की जान बचाई जा सकेगी।

किसी भी हादसे के बाद पहले 60 मिनट को मेडिकल भाषा में गोल्डन ऑवर कहा जाता है। इसी समयावधि में घायल को जितनी जल्द अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था हो जाती है, उतना ही जान को खतरा कम होता है। इसी गोल्डन ऑवर में सड़क हादसों के घायलों की जिंदगी बचाने के लिए मेरठ ट्रैफिक पुलिस ने पहल शुरू की है। मेरठ ट्रैफिक पुलिस ने टीपीनगर स्थित केएमसी अस्पताल के साथ मिलकर पुलिस एंबुलेंस शुरू की है। एंबुलेंस को अस्पताल ने ट्रैफिक पुलिस को दिया है। एंबुलेंस पर चालक और मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था अस्पताल करेगा, जबकि ट्रैफिक पुलिस का एक कर्मी एंबुलेंस पर 12-12 घंटे की शिफ्ट में रहेगा। हादसे की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम या पुलिस टीम को मिलेगी तो सूचना पुलिस कंट्रोल रूम से वायरलेस सेट पर दी जाएगी। एंबुलेंस पर तैनात पुलिसकर्मी और स्टाफ तुरंत घटनास्थल पर पहुंच जाएंगे। समय पर प्राथमिक उपचार और अस्पताल ले जाने की व्यवस्था होगी।

क्या होता है गोल्डन ऑवर
भारत में सड़क दुर्घटना के दौरान हर साल 1.50 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु हो जाती है। सड़क दुर्घटनाओं में प्रारंभिक एक घंटा यानी 60 मिनट का समय गोल्डन ऑवर कहा जाता है। इसी समय में प्रारंभिक उपचार और अस्पताल पहुंचाने के चलते घायलों की जान बचाई जा सकती है। आम राहगीर भी यदि घायल का खून बहने से रोके और एंबुलेंस को बुलाकर मदद कराए तो जान बच जाती है।

एनएच-58 पर रहेगी फिलहाल तैनाती
एंबुलेंस को फिलहाल एनएच-58 पर रखा जाएगा, चूंकि यहां दो टोल हैं। तीन हाइवे मेरठ-बागपत, मेरठ-बड़ौत, मेरठ-करनाल हाइवे यहां से जुड़ते हैं। सबसे ज्यादा ब्लैक स्पॉट भी इसी हाइवे पर हैं। इसलिए यहां एंबुलेंस रखी जाएगी। यह प्रयोग सफल रहा तो शहर के कुछ अन्य अस्पताल से मदद लेकर इस पायलट प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जाएगा और बाकी हाइवे को भी सुरक्षित कराया जाएगा।

एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र कुमार मिश्रा का कहना है कि केएमसी ने एक एंबुलेंस मेरठ ट्रैफिक पुलिस को दी है। यह पुलिस एंबुलेंस के रूप में चलेगी। एंबुलेंस पर 12-12 घंटे की शिफ्ट में पुलिसकर्मी तैनात किया जाएगा, जो हादसे की सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को मदद देंगे ।

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