मेरठ, 24 जनवरी (प्र)। गणतंत्र दिवस-2026 को ध्यान में रखते हुए मेरठ परिक्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने सभी जनपद प्रभारियों के साथ बैठक कर विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और तिरंगा यात्राओं को शांति एवं सुरक्षा के साथ संपन्न कराने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए गए।
30 राजपत्रित अधिकारी व 3167 पुलिसकर्मी ड्यूटी पर
गणतंत्र दिवस ड्यूटी के लिए परिक्षेत्र में कुल 30 राजपत्रित अधिकारी और 3167 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। जिसमे सुरक्षा कवरेज में 07 अपर पुलिस अधीक्षक , 23 सीओ ,100 निरीक्षक ,602 उपनिरीक्षक ,845 मुख्य आरक्षी ,1046 आरक्षी ,544 होमगार्डध्पीआरडी और 03 पीएसी कंपनियां शामिल हैं।
105 तिरंगा यात्राएं, 80 सांस्कृतिक कार्यक्रम
गणतंत्र दिवस पर कुल 105 तिरंगा यात्राएं और 80 सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।जिसमे मेरठ में 14 ,बुलंदशहर में 23, बागपत में 48 और हापुड़ में 20 तिरंगा यात्रा होनी हैं । वही मेरठ में 43 सांस्कृतिक कार्यक्रम बुलंदशहर में 19 , बागपत में 03 और हापुड़ में 15 कार्यक्रम होने हैं। सुरक्षा प्रबंधन के लिए परिक्षेत्र में 23 जोन, 79 सेक्टर और 48 क्यूआरटी तैनात की गई हैं। जनपद अनुसार मेरठ में 09 जोन, 31 सेक्टर, 31 क्यूआरटी , बुलंदशहर में 07 जोन, 27 सेक्टर, 03 क्यूआरटी ,बागपत में 04 जोन, 11 सेक्टर, 11 क्यूआरटी और हापुड़ में 03 जोन, 10 सेक्टर, 03 क्यूआरटी गठित किए गए हैं ।
गणतंत्र दिवस से पहले पुलिस ने 286 चेकिंग पॉइंट चिन्हित किए हैं और 109 गोष्ठियां आयोजित की हैं।
डीआईजी ने निर्देश दिया किपरिक्षेत्र और जिलों की सीमाओं पर बैरियर लगाकर सघन चेकिंग हो। वाहन व संदिग्ध व्यक्तियों की आकस्मिक चेकिंग की जाए साथ ही होटलों, लॉज, ढाबों, बस अड्डों व रेलवे स्टेशन पर विशेष निगरानी रखी जाए और डॉग स्क्वॉड व एंटी-सेबोटेज टीम को सक्रिय रखा जाए । हल्के ड्रोन की उड़ान पर विशेष नजर रखने और संदिग्ध उड़ान की सूचना पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं । प्रमुख मार्गों, चौराहों एवं बाजार क्षेत्रों में मोटरसाइकिल से स्टंट करने वाले, शरारती एवं उपद्रवी तत्वों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए । सोशल मीडिया सेल को भी एक्टिव किया गया है और सोशल मीडिया पर नकारात्मक व भड़काऊ पोस्ट पर तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि कानून-व्यवस्था की आंतरिक सुरक्षा उच्चतम स्तर पर बनी रहे और किसी भी असामाजिक व आपराधिक गतिविधि को रोकने के लिए कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
