Friday, August 29

उड़ान की ओर बढ़े कदम, हवाई अड्डा विस्तार को मिली जमीन

Pinterest LinkedIn Tumblr +

मेरठ 27 अगस्त (प्र)। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू से अनुरोध किया है कि मेरठ से हवाई उड़ान को लेकर जल्द से जल्द उच्चस्तरीय टीम भेजकर कार्रवाई प्रारंभ की जाए। उन्होंने दावा किया छोटे विमानों के उड़ान के लिए आवश्यक 140.59 एकड़ जमीन में से अब 132 एकड़ जमीन उपलब्ध हो गई है। राज्यसभा सांसद ने डीएम से भी कार्रवाई का अनुरोध किया है।

मंगलवार को राज्यसभा सांसद ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को पत्र भेजकर कहा कि प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान में 132 एकड़ जमीन उपलब्ध है। इस उपलब्ध जमीन में से 109 एकड़ पहले ही नागरिक उड्डयन निदेशक के नाम पर दर्ज की जा चुकी है। बाकी 23 एकड़ को भी नागरिक उड्डयन निदेशक के नाम दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है, जो जल्द पूरी हो जाएगी। अब 132 एकड़ जमीन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) को 90 साल की लीज पर उपलब्ध हो जाएगी। शेष 8.59 एकड़ की कमी है। इस कमी को पूरा करने के लिए किसानों से 400 एकड़ जमीन की सहमति भी प्राप्त है। 400 एकड़ जमीन की आवश्यकता बड़े हवाई अड्डे के लिए प्रस्तावित है। एयरपोर्ट अथॉरिटी जब भी जमीन मांगेगी तो 8.59 एकड़ जमीन भी उपलब्ध करा दी जाएगी।

यदि जमीन की उपलब्धता हुई तो मेरठ शहर में रजिस्ट्री कार्यालयों के लिए अपना निबंधन भवन होगा। इसके लिए शासन के आदेश पर कार्रवाई शुरू हो गई है। डीएम से प्राथमिकता के साथ निबंधन भवन के लिए जमीन का प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा है। निबंधन महानिरीक्षक (आईजी) नेहा शर्मा ने निबंधन विभाग के कार्यालयों के नवनिर्माण के लिए डीएम को पत्र भेजकर भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। उनका मानना है कि निबंधन कार्यालयों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं।

6.69 करोड़ भुगतान पर मिली तीन गांवों की जमीन
शासन की ओर से कुल 6.69 करोड़ के भुगतान के बाद नागरिक उड्डयन विभाग को तीन गांवों काशी, कंचनपुर घोपला और गगोल की जमीन मिल गई है। इसके लिए मेरठ विकास प्राधिकरण, प्रशासन और शासन के बीच वर्षों से मामला चल रहा था। अब जाकर जमीन रिकार्ड में नागरिक उड्डयन विभाग के नाम हुई है।

Share.

About Author

Leave A Reply