मेरठ 14 जनवरी (प्र)। गाजियाबाद में पिछले साल एक बदमाश का एनकाउंटर करने के बाद सुर्खियां बटोरने वाली महिला दारोगा भुवनेश्वरी को एंटी करप्शन की टीम ने 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
साहिबाबाद के वृंदावन गार्डन निवासी रामपाल सैनी के खिलाफ उनकी पुत्रवधू ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा रखा है। मुकदमे की विवेचना महिला थाना की महिला दारोगा भुवनेश्वरी कर रही हैं। महिला दारोगा भुवनेश्वरी गत 23 सितंबर को उस समय सुर्खियों में आई थी, जब उनके द्वारा अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर एक बदमाश को पैर में गोली मारकर एनकाउंटर किया था। इसके बाद वह बदमाश को कंधे पर उठाकर ले जाते हुए नजर आई थी महिला दारोगा द्वारा एनकाउंटर किए जाने के मामले ने प्रदेश स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं। पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ ने उनको सम्मानित भी किया था।
पीड़ित रामपाल सैनी ने दो पहले एंटी करप्शन सेक्टर मेरठ को शिकायत करते हुए आरोप लगाए थे कि महिला दारोगा भुवनेश्वरी के द्वारा दहेज उत्पीड़न के मुकदमे से नाम निकालने की एवज में एक लाख रुपये की मांग की है। रिश्वत न देने पर पूरे परिवार को जेल भिजवाने की धमकी महिला दारोगा ने दी। इसके बाद रामपाल सैनी का नाम विवेचना के दौरान निकालने के लिए 45 हजार रुपये से कम लेने से महिला दारोगा ने इनकार कर दिया। इस पर एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर मयंक कुमार अरोरा के निर्देशन में एंटी करप्शन की टीम ने जिलाधिकारी की अनुमति और उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में महिला दारोगा भुवनेश्वरी को ट्रैप कराने की रणनीति बनाई। इसके तहत निर्धारित समय पर रामपाल सैनी मंगलवार को 500-500 के नोट के 45 हजार रुपये लेकर महिला थाना परिसर स्थित महिला रिपोटिंग चौकी पर पहुंचा। इसके बाद दारोगा ने रुपये अपनी टेबल की दराज में रखवा लिए। दराज में रुपये रखवाते ही एंटी करप्शन की टीम ने महिला दरोगा को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद एंटी करप्शन की टीम महिला दारोगा को थाने ले गई और उसके खिलाफ रामपाल सैनी से 45 हजार रुपये की रिश्वत लेने के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया गया।
व्यापारियों से मांगे थे 15 लाख रुपये
महिला दरोगा भुवनेश्वरी सिंह वर्ष 2022 में कानपुर में एडीसीपी पूर्वी के ऑफिस में तैनात थी। उस दौरान भुवनेश्वरी ने होमगार्ड के साथ पनकी में चल रहे सेक्स रैकेट में छापा मारा था। छापे के दौरान जालीन के दो व्यापारियों और सेक्स रैकेट में शामिल दो महिलाओं को मौके से दबोचा गया था। इसके बाद व्यापारियों और महिलाओं को बंधक बनाकर रखा गया था साथ ही, व्यापारियों से उनको छोड़ने की एवज में 15 लाख रुपये की मांग की गई थी। इसके बाद एडीसीपी राहुल मिठास और एसीपी कोतवाली अशोक सिंह ने एक रेस्टोरेंट में 50 हजार की घूस लेते भुवनेश्वरी को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया था।
