Thursday, March 19

650 करोड़ की लागत से होगा कांवड़ गंगनहर पटरी मार्ग का नवनिर्माण

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मेरठ 19 मार्च (प्र)। मुजफ्फरनगर से मेरठ होते हुए मुरादनगर तक चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग का नवनिर्माण 650 करोड़ की लागत से होगा। इसकी लंबाई 111.49 किमी है। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट का संपूर्ण प्रपोजल शासन से मेरठ, मुजफ्फरनगर व गाजियाबाद तीनों जिलों के डीएफओ को भेजा गया है। तीनों डीएफओ इस कार्य योजना को साइट पर जाकर सत्यापन करेंगे। सत्यापन के बाद तीनों वन अधिकारी इसे पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होना संभावित है। माना जा रहा है कि 15 अप्रैल के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

इस कार्य योजना में इस प्रोजेक्ट की स्वीकृति अक्टूबर 2020 में हुई थी। लेकिन उसके बाद बड़ी संख्या में पेड़ कटान को लेकर हंगामा मचा था। जिसमें मामला एनजीटी में पहुंच गया। मुख्य सचिव के दौरे के बाद पेड़ कटान पर रोक लग गई थी। अब इस पूरे प्रोजेक्ट को नये सिरे से तैयार किया गया है। कांवड़ पटरी मार्ग की बनने वाली सड़क अब 7.50 मीटर के बजाय केवल दो मीटर की दूरी पर बनेगी। इसका अर्थ यह हुआ कि गंगनहर और पटरी मार्ग पर चलने वाले वाहनों की दूरी दो मीटर होगी। इस नई व्यवस्था में कटने वाले पेड़ों की संख्या बेहद कम हो गई है।

एनजीटी में सुनवाई से पहले 62 किमी में 17446 पेड़ काटे जा चुके थे, जो कुल 1.12 लाख कटने थे। लेकिन अब पेड़ कटान को रोककर जिस हिस्से में पेड़ काटे गए वापस उसी स्थान पर पौधरोपण भी किया जाएगा। वर्तमान में कांवड़ पटरी मार्ग का संचालन मुजफ्फरनगर से गाजियाबाद की ओर चलते हुए बांयी तरफ होता है। नई पटरी का दोहरीकरण गंगनहर के दायीं तरफ किया जाएगा। इस दोहरे मार्ग की चौड़ाई सात मीटर होगी। इस पूरे प्रोजेक्ट के रिवाइज्ड एस्टीमेट को अप्रैल 2025 में वित्तीय व्यय समिति व जुलाई 2025 में कैबिनेट की स्वीकृति प्राप्त हो गई थी। चौ. चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग की लंबाई मेरठ में 43.40 किमी, मुजफ्फरनगर में 56 किमी व गाजियाबाद जिले में 12 किमी आती है। शासनादेश जारी होने के बाद लगभग डेढ़ से दो वर्ष में नवनिर्माण पूरा होगा। इस पटरी के निर्माण से उम्र के साथ दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब व हरियाणा के बीच वाहनों का आवागमन सुगम होगा।

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