मेरठ 31 दिसंबर (प्र)। सिवाया स्थित आरआरटीएस परियोजना (रैपिड) के निर्माणाधीन डिपो में हुई लूटपाट का मंगलवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने प्रेसवार्ता कर बताया कि डिपो के चौकीदार रमेश ने ही साथियों के साथ मिलकर लूट की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने रमेश समेत पांच आरोपियों को पकड़ लिया और लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया। पुलिस कबाड़ी समेत दो अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि मोदीपुरम की पुष्प विहार कॉलोनी निवासी नंदलाल एलएंडटी आरआरटीएस परियोजना में ठेकेदार है। नंदलाल ने सोमवार को थाने पर तहरीर देते हुए बताया था कि चौकीदार रमेश को बंधक बनाकर बदमाशों ने सिवाया में बन रहे डिपो से लगभग तीन लाख रुपये का सामान लूट लिया था। इस मामले में पुलिस ने चोरी में प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने संदेह के आधार पर चौकीदार रमेश से पूछताछ की थी। सख्ती से पूछने पर रमेश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था।
पुलिस ने चौकीदार की निशानदेही पर उसके साथियों पावली खास निवासी सुहैल, चकरपट्टी पिपरगांव फरुखाबाद निवासी रिंकू, टागवलवाडी चंपावत उत्तराखंड निवासी रमेश, सलेमपुर फरुखाबाद निवासी धर्मेंद्र, नवाबगंज फरुखाबाद निवासी मोनू को पावली गांव से पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से चार बोरे लोहे के नट, एल्युमिनियम की चार प्लेट, 15 डाइनिंग लोहे की प्लेट, चार रेल रोलर समेत अन्य सामान बरामद कर लिया। पुलिस चोरी का माल खरीदने वाले कबाड़ी व उसके साथियों की भी तलाश में जुट गई है। एसएसपी का कहना है कि आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
पुलिस पूछताछ में आरोपी रमेश ने बताया कि वह और उसके साथी चोरी का माल कबाड़ी को बेचकर नौकरी छोड़ने की तैयारी कर रहे थे। आरोपी यार्ड में मिलने वाले लोहे के सामान को उठाकर अपने पास रख लेते थे। इसके बाद लोहे के सामान को बोरों में एकत्र कर कबाड़ी को बेचते थे।
