मेरठ 08 जनवरी (दैनिक केसर खुशबू टाईम्स)। मेरठ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एमसीटीएसएल) अपनी सभी इलेक्ट्रिक सिटी बसों को ग्रामीण रूटों से हटाकर शहर के अंदर चलाने जा रहा है। कंपनी अधिकारियों ने बसों का रूट नए सिरे से तैयार करना शुरू कर दिया है। रूट मैप तैयार करने के साथ ही किराये को भी इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीनों में फीड कर दिया जाएगा। इलेक्ट्रिक सिटी बसों की सेवा सभी मेट्रो और रैपिड स्टेशनों तक दी जाएगी। शहर का ऐसा कोई रूट नहीं होगा जहां लोगों को इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा नहीं मिलेगी।
शहरवासियों को बेहतर परिवहन का अहसास कराने के लिए प्रदेश सरकार ने 2022 में 50 इलेक्ट्रिक बसें दी थी। इन बसों को मेरठ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड नाम से कंपनी बनाकर रोडवेज द्वारा शहरी और ग्रामीण रूटों पर चलाया जा रहा है लेकिन अब नगरीय परिवहन निदेशालय ने सभी बसों को शहर में ही चलाने के निर्देश दिए हैं। मेरठ से सरधना, शाहजहांपुर और मवाना रूट पर चल रही बसों को हटा लिया जाएगा। बुधवार को कंपनी सीईओ डॉ. दीक्षा जोशी ने पहले से चल रहे शहरी रूटों के साथ नए शहरी रूटों को लेकर अधिकारियों के साथ मंथन किया। कुछ रूटों को लेकर पेच फंसने से रूट मैप फाइनल नहीं हो सका। अब गुरुवार आज इसे फाइनल कर शुक्रवार से बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। कंपनी अधिकारियों के मुताबिक इलेक्ट्रिक सिटी बसों से रैपिड कॉरिडोर के सभी मेट्रों स्टेशनों के साथ ही रैपिड स्टेशनों को भी जोड़ा जाएगा।
इलेक्ट्रिक बसें मेट्रो-रैपिड स्टेशनों को जोड़ेंगी
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