मेरठ 13 जनवरी (प्र)। शहर के सबसे प्रमुख और व्यस्त चौराहों में शामिल घंटाघर रेलवे रोड ‘लेकर एक बार फिर विकास की आवाज तेज हो गई है। रोजमर्रा लगने वाले जाम, अव्यवस्थित यातायात और बदहाल सड़क को लेकर लगातार उठ रही मांगों के बीच मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने चौड़ीकरण की दिशा में ठोस कदम बढ़ा दिए हैं। आधार कार्ड की तर्ज पर गठित मेडा की टीम ने घंटाघर रेलवे रोड का निरीक्षण कर डीपीआर और डिजाइन पर मंथन किया है। अब यह सड़क जल्द ही नए और बेहतर स्वरूप में नजर आएगी।
मेडा सचिव आनंद संह ने बताया कि घंटाघर रेलवे रोड शहर की लाइफलाइन है। यहां प्रतिदिन भारी यातायात दबाव रहता है, जिससे आम नागरिकों, व्यापारियों और यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। निरीक्षण के दौरान सड़क की मौजूदा स्थिति, अतिक्रमण, ट्रैफिक फ्लो और जाम के कारणों को बारीकी से देखा गया है। इसी आधार पर चौड़ीकरण और सुधार का प्लान तैयार किया जा रहा है। सचिव ने बताया कि डीपीआर और डिजाइन पर अधिकारियों के साथ विस्तार से मंथन किया गया है। लक्ष्य यह है कि सड़क को इस तरह विकसित किया जाए जिससे भविष्य में यातायात की समस्या न बने और घंटाघर जैसे ऐतिहासिक और व्यावसायिक क्षेत्र की पहचान भी निखरे सड़क की चौड़ाई, ड्रेनेज, फुटपाथ, पार्किंग और ट्रैफिक मूवमेंट सभी बिंदुओं को डिजाइन में शामिल किया जाएगा। मेरठ विकास प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि मंगलवार को इंजीनियरों की टीम दोबारा स्थल निरीक्षण करेगी। तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप देने के बाद कार्य को जल्द शुरू कराने की तैयारी है।
घंटाघर रेलवे रोड प्राथमिकता में है, तस्वीर जल्द बदलेगी
मेरठ विकास प्राधिकरण के सचिव आनंद सिंह ने स्पष्ट किया कि घंटाघर रेलवे रोड का चौड़ीकरण मेडा की प्राथमिकता में है। इसमें किसी तरह की देरी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जैसे ही कार्य शुरू होगा, घंटाघर रेलवे रोड की तस्वीर बदलती नजर आएगी। जाम से राहत मिलेगी और शहर के इस प्रमुख चौराहे पर यातायात सुगम होगा। इसके लिए अधिकारी और तकनीकी टीम पूरी गंभीरता से जुटी हुई है।
