मेरठ 14 जनवरी (प्र)। सरधना के कपसाड़ गांव में सुनीता की हत्या और उनकी बेटी रूबी का अपहरण करने का आरोपी पारस सोम किशोर निकला। शैक्षिक दस्तावेज के अनुसार अभी उसकी आयु 17 वर्ष और छह माह है। इसी आधार पर बचाव पक्ष के वकील कोर्ट में जमानत और केस को जुवेनाइल कोर्ट ट्रांसफर कराने के लिए याचिका दाखिल करेंगे। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कराई गई है।
कपसाड़ गांव में 8 जनवरी की सुबह सुनीता की गांव निवासी किशोर ने फरसे से हमला कर हत्या कर दी थी। सुनीता की बेटी रूबी का अपहरण कर आरोपी पारस सोम साथ ले गया था। पुलिस की 12 टीमें और 200 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को युवती की बरामदगी के लिए लगाया गया। शनिवार शाम दोनों को हरिद्वार से बरामद कर लिया गया। रविवार को रूबी के कोर्ट में बयान कराए गए। कोर्ट ने रूबी को काउंसिलिंग के लिए वन-स्टॉप सेंटर यानी आशा ज्योति केंद्र भेजा। दूसरी ओर, आरोपी पारस सोम को भी कोर्ट के समक्ष पेश किया गया, जहां से अपहरण और हत्या समेत कई धाराओं में रिमांड मंजूर करते हुए उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।
अब मामले में नया मोड़ आया है। शैक्षिक दस्तावेज के अनुसार आरोपी किशोर है। उसकी आयु अभी 18 वर्ष पूरी नहीं हुई है। ऐसे में बचाव पक्ष के अधिवक्ता विक्रांत और बलराम सोम ने बताया कि उनकी ओर से कोर्ट में जुवेनाइल होल्ड करने और जमानत के लिए अर्जी लगाई जाएगी। आरोपी के शैक्षिक प्रमाण पत्र जुटा लिए गए हैं। दो से तीन दिन में प्रक्रिया पूरी कर कोर्ट में याचिका दाखिल की जाएगी। इसके बाद कोर्ट आगे की कार्रवाई पूरी करेगी।
रूबी की घर वापसी के बाद और सख्त हुआ पहरा
कपसाड़ गांव में हालात अब भी सामान्य नहीं हो सके हैं। रूबी की घर वापसी के बाद पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा को और सख्त कर दिया है। गांव की सीमाएं पूरी तरह सील हैं। आमजन व बाहरी लोगों की गांव में एंट्री पर पाबंदी जारी है। गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। सोमवार देर रात रूबी की अपने घर वापसी हो गई। पुलिस प्रशासन ने रूबी के घर की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसकी गली के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। 24 घंटे निगरानी की जा रही है। गांव में स्थानीय लोगों को ही प्रवेश की अनुमति है, वह भी पहचान पत्र दिखाने के बाद।
ये होगा केस पर असर
कोर्ट यदि बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील मानकर आरोपी को नाबालिग घोषित करती है तो केस फाइल जुवेनाइल कोर्ट जाएगी। किशोर को दी जाने वाली सजा भी कम होगी। वहीं, पुलिस और अभियोजन घटना की गंभीरता बताते हुए फाइल जुवेनाइल कोर्ट भेजने का विरोध करेगा।
