Monday, January 26

हापुड़ अड्डा चौराहे के जीर्णोद्धार को मेडा ने निकाला री-टेंडर, ई-रिक्शा और सिटी बसों के लिए बनाए जाएंगे स्टापेज

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मेरठ 15 जनवरी (प्र)। शहर को जाम से मुक्त कराने के लिए मेडा ने शहर के भीड़भाड़ वाले हापुड़ अड्डे के जीर्णोद्धार का री-टेंडर जारी कर दिया है। जिसमें यह चौराहा नो वेडिंग जोन में रखा जाएगा। इसके साथ वहां से अतिक्रमण हटाया जाएगा। सड़क किनारे फुटपाथ बनाए जाएंगे। ई-रिक्शा व सिटी बसों का अलग से स्टापेज तैयार होगा। पिछले 17 अगस्त में हुई बोर्ड बैठक में तत्कालीन कमिश्नर ने शहर हापुड़ अड्डे, बच्चा पार्क, तेजगढ़ी चौराहा, साकेत चौराहे के सौंदर्यीकरण के लिए 70 करोड़ का बजट रखा गया है। चारों चौराहों के जीर्णोद्धार के लिए ड्राफ्ट तैयार कराया गया। इसके बाद चारों चौराहों का ई-टेंडर निकाला, जिसमें तीन चौराहों का ई-टेंडर पास हो गया। हापुड़ अड्डे के जीर्णोद्धार के लिए किसी ने ई-टेंडर में हिस्सा नहीं लिया। मेडा ने दोबारा से हापुड़ अड्डे के जीर्णोद्धार के लिए री-टेंडर निकाला है। मेडा अधिकारी का कहना कि ई-टेंडर जारी हो गया है। ई- टेंडर खुलते ही हापुड़ अड्डे चौराहों का जल्द से जल्द सौंदर्यीकरण कराया जाएगा जिससे शहर की जनता को जाम से निजात मिल सकेगी।

ऐसा बनेगा चौराहा
शहर के चिह्नित हुए चौराहों को नोवेडिंग जोन में रखा जाएगा।
चौराहों के आसपास अतिक्रमण हटाया जाएगा।
शहर में चलने वाले ई-रिक्शा, टेंपो, सिटी बसें, रोडवेज बसे, अन्य बसों का अलग से स्टापेज बनाया जाएगा।
हापुड़ अड्डे चौराहे पर पैदल चलने के लिए फुटपाथ बनेंगे।
हापुड़ अड्डे चौराहे पर डिजिटल लाइटों का इस्तेमाल किया जाएगा।
हापुड़ अड्डे चौराहे को सीसीटीवी से लैस किया जाए।

खंडहर भवनों को 20 फीसदी छूट पर बेचने की मेडा की तैयारी
मेडा अपनी आवासीय कालोनियों में खंडहर हुए मकानों व फ्लैटों को 20 प्रतिशत छूट के साथ बेचने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए मेडा अधिकारी अपनी रिक्त पड़ी संपत्ति का डाटा एकत्रित करने में जुट गए है। शासन से हरी झंडी मिलते ही खंडहर पड़े मकान व फ्लैटों को मेडा 20 प्रतिशत की छूट के साथ बेचेगा। इससे पहले भी मेडा अपनी दो करोड़ से ज्यादा की खंडहर पड़ी संपत्ति 20 प्रतिशत छूट के साथ बेच चुका है। जिससे मेडा को काफी राजस्व की प्राप्ति हुई। बताया गया कि मेरठ विकास प्राधिकरण की आवासीय कॉलोनी गंगानगर, रक्षापुरम, श्रद्धापुरी, पल्लवपुरम, शताब्दीनगर, पांडवनगर, सैनिक विहार में हजारों की तादाद में फ्लैट व मकान खाली पड़े हैं, जो किसी कारण बिक नहीं सके। अब वह खंडहर का रूप धारण कर चुके हैं। जिससे मेडा की करोड़ों रुपये की संपति डंप हो रखी है मेडा ने अपनी आवासीय कॉलोनी की रिक्त पड़ी संपत्ति के 20 प्रतिशत रेट कम करने के लिए शासन को लिखा है। शासन से हरी झंडी मिलते ही मेडा खंडहर में तब्दील हो चुकी संपत्ति के 20 प्रतिशत रेट कम कर देगा। इन संपति का आवंटन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगा। इससे पहले भी मेडा ने इसी आधार पर अपनी संपत्ति को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर बेच चुका है।

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