मेरठ 30 जनवरी (प्र)। वृंदावन स्थित ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए 21 हजार किलोग्राम वजन स्टील की मजबूत स्लाइड व फोल्ड होने वाली रेलिंग लगाई जाएगी। रेलिंग बनाने के लिए मेरठ की कनिका कंस्ट्रक्शन फर्म को चुना गया है। तकनीक संबंधित समिति व आइआइटी रुड़की की टीम ने फर्म का प्रस्तुतीकरण पसंद किया।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में लगातार भीड़ बढ़ रही है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने मंदिर में प्रवेश से निकास द्वार तक रेलिंग लगाने का निर्णय लिया। इसी रेलिंग के बीच से श्रद्धालुओं को गुजारा जाएगा। इससे श्रद्धालुओं का मंदिर के अंदर से ठहराव खत्म होगा।
कंपनी द्वारा पिछले दिनों रेलिंग का कुछ हिस्सा लगाया भी गया, लेकिन कुछ तकनीकी खामी होने के कारण रेलिंग हटा दी गई, अब खामी दूर करने के बाद फिर से उसे लगाने का काम होगा। कंपनी के पार्टनर सलीम अहमद ने बताया कि उनकी कंपनी का चयन इसलिए हुआ, क्योंकि उन्होंने स्लाइडिंग व फोल्डिंग रेलिंग के विकल्प का सुझाव दिया।
इसके साथ ही मजबूत रेलिंग के लिए स्टील का भार बढ़ाने का भी उपाय शामिल था। यह आसान नहीं होता है, लेकिन उन्होंने इसमें हाइड्रोलिक पिस्टन व पाइप का उपयोग किया है। मजबूती देने के लिए आठ गेज की पाइप का प्रयोग किया गया, इसलिए इसमें कुल 21 हजार किलो स्टील का एस्टीमेट बना।
इससे यह लाभ होगा कि प्रशासन अपने हिसाब से आवश्यकता पड़ने पर दिशा परिवर्तन कर सकता है या फिर नई कतार बना सकता है। कंपनी के दूसरे पार्टनर रंजन शर्मा ने बताया कि एक महीने से कार्य चल रहा है, जिसे फरवरी में पूर्ण कर लिया जाएगा। बताया कि वह विभिन्न सरकारी भवनों व हरिद्वार में भी रेलिंग लगा चुके हैं।
