मेरठ 17 जनवरी (प्र)। जिले के डूंगर गांव में जमीन हड़पने का एक चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक जीवित महिला को तहसील रिकॉर्ड में मृत दर्शाकर उसकी करोड़ों रुपये की संपत्ति अपने नाम दर्ज कराने का आरोप लगा है। आरोप है कि महिला के सगे भतीजों ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के सहारे यह खेल किया। पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी से शिकायत कर आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्जकर उसे न्याय दिलाने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, डूंगर गांव की रहने वाली हुक्मो देवी ने अधिकारियों को लिखित शिकायत में बताया कि कई साल पहले उनके पति जैनू का निधन हो चुका है। उनकी एक बेटी है। बेटा न होने पर पति की मौत के बाद वह भतीजों के संग रहने लगी थी। कुछ समय बाद पारिवारिक विवाद होने पर वह अपनी बेटी की ससुराल जाकर रहने लगीं।
बताया कि उनकी एक नातिन भी है। वह शादीशुदा है। नातिन का पति भारतीय सेना में कार्यरत थे, जिसके चलते वह लंबे समय तक गांव से बाहर रहीं। पति के सेवानिवृत्त होने के बाद जब नातिन डूंगर गांव लौटीं और अपनी नानी की संपत्ति में अपने अधिकार की बात की, तो उन्हें बताया गया कि करीब 23 साल पहले हुक्मो देवी ही अपनी जमीन बेच दी थी।
यह सुनकर नातिन को संदेह हुआ। उन्होंने तहसील जाकर जमीन से संबंधित अभिलेखों की जांच कराई, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। तहसील रिकॉर्ड में वर्ष 2003 में हुक्मो देवी को मृत दर्शाया गया था और फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर उनकी पूरी संपत्ति भतीजों नाम दर्ज कर दी गई थी।
नातिन का आरोप है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से तहसील रिकॉर्ड में जालसाजी कर न सिर्फ उनकी नानी को कागजों में मृत दिखाया, बल्कि पूरी संपत्ति पर अवैध कब्जा भी कर लिया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और हड़पी गई संपत्ति वापस दिलाने की मांग की है।
इस संबंध में एसडीएम सदर डॉ. दीक्षा जोशी ने बताया कि उन्हें शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू करा दी गई है। उन्होंने कहा कि तहसील रिकॉर्ड में किसी जीवित महिला को मृत दिखाकर संपत्ति का हस्तांतरण किया जाना बेहद गंभीर मामला है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
