Thursday, June 13

अमिताभ ठाकुर ने जमीन घोटाले में दिखाए डॉक्यूमेंट

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मेरठ, 08 नवंबर (प्र)। पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को मेरठ के सर्किट हाउस में हॉल में बैठकर प्रेस ब्रीफिंग करने से रोका गया। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर आज भ्रष्टाचार के संबंध में प्रेसवार्ता करने पहुंचे थे। यहां सर्किट हाउस के हॉल में ब्रीफिंग करना चाहते थे। लेकिन उन्हें हॉल या किसी भी कमरे में बैठकर मीडिया से बात करने नहीं दी गई।
लास्ट में उन्होंने सर्किट हाउस की सीढ़ियों पर बैठकर संवाद किया।

अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया कि जिले में धारा 144 लगी होने का हवाला देते हुए उन्हें हॉल में बैठने से रोका गया। अमिताभ ठाकुर मेरठ कंकरखेड़ा जमीन घोटाले मामले में मीडिया को कुछ कागज दिखाना चाहते थे। उन्होंने बताया कि कंकरखेड़ा के 1500 बीघा सरकारी जमीन के 1500 करोड़ रुपए के भूमि घोटाले में मेरठ के तमाम अफसरों की भूमिका संदिग्ध है। कुछ डॉक्यूमेंट्स भी दिखाए। कहा 22 दिसंबर 2022 को कंकरखेड़ा थाने पर गलत कागजात बनाकर सरकारी भूमि को बेचने के आरोपों में एफआईआर दर्ज हुई। एफआईआर दर्ज के टाइम में खेल हुआ है। उनका आरोप है कि इस मामले में सीनियर पुलिस ऑफिसर्स का इंवाल्वमेंट है।

अमिताभ ठाकुर ने कहा कि एफआईआर कंप्यूटर में दर्ज होने के बाद उसे सीसीटीएनएस सिस्टम से डिलीट कराया गया और सुबह 3.12 बजे पर दर्शाते हुए उसी एफआईआर नंबर 946/2022 पर एक दूसरा एफआईआर दर्ज किया गया। पूरे सिस्टम को अपने निजी लाभ के लिए मिसयूज किया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में एलआईयू से जुड़े रहे देवेंद्र सिंह को अफसरों ने गलत इस्तेमाल किया। इसके बाद उन्हें नौकरी से निकलवाया गया। अब देवेंद्र सिंह की जान को खतरा है। उन्ळें सुरक्षा दी जाए। देवेंद्र सिंह ने तत्कालीन आईजी के कहने पर गुलवीर सिंह नामक व्यक्ति से एक प्रार्थना पत्र प्राप्त किया जिस पर सीओ को जांच दी गई और उसी बयान पर पहली एफआईआर दर्ज हुआ। बाद में अफसरों को देवेंद्र सिंह को ही फंसा दिया।
वार्ता में इंतखाब अहमद, सुरेश चंद्र शर्मा, नरेश चंद्र त्यागी, शकील अहमद कुशल पाल सिंह पुंडीर उपस्थित रहे।

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