मेरठ 29 अगस्त (प्र)। दिवाली को अभी भले ही काफी दिन हो लेकिन शासन ने अभी से पटाखों को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। पटाखों के निर्माण, संग्रह और विक्रय पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। स्पष्ट कर दिया गया है कि मेरठ एनसीआर क्षेत्र में यह व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू रहेगी। पकड़े जाने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आतिशबाजी के पटाखों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए कुछ साल पहले सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में इनकी बिक्री, निर्माण और संग्रह पर रोक लगा दी थी। दिल्ली एनसीआर के अंतर्गत आने वाले जनपद मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर इसकी जद में आ गए और शासन ने यहां पटाखों पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी।
दिवाली से ठीक पहले शासन ने पटाखे की बिक्री को लेकर अभी से सख़्ती बढ़ा दी है। स्पष्ट कर दिया गया है कि अगर कोई व्यक्ति पटाखों के निर्माण, संग्रह और बिक्री करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत 5 साल तक के कारावास की सजा और एक लाख रूपए तक के जमाने का प्रावधान है।
शासन ने फरमान जारी करने के साथ ही कुछ नंबर भी जारी किए हैं जिन पर कोई भी व्यक्ति पटाखों से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
इन नंबरों पर करें शिकायत :
- डायल 112 नंबर पर
- 7570000100 पर व्हाट्सएप मैसेज भेजकर
- 7233000100 पर एसएमएस भेजकर
- फेसबुक पर @ 112 उत्तर प्रदेश
- ट्विटर पर @ 112 उत्तर प्रदेश
एसएसपी डॉक्टर विपिन ताडा ने बताया कि शासन की ओर से पटाखे संबंधी निर्देश जारी हुए हैं। इनका शत प्रतिशत पालन कराया जाएगा। पटाखे की बिक्री, निर्माण और संग्रह मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।