मथुरा 29 अगस्त। वृंदावन के आध्यात्मिक गुरु संत प्रेमानंद महाराज से मिलने गुरुवार को यूपी के पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार अपने परिवार के साथ पहुंचे. उन्होंने प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लिया. प्रेमानंद ने कहा कि आपने अपने कर्तव्य का पालन किया है. राधा-राधा नाम लेते रहिए.
31 मई 2025 को रिटायक हुए पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम केली कुंज पहुंचे. संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि आपने प्रदेश और देश की खूब सेवा की है. अब भगवान की स्मृति कीजिए. इस जन्म में मानव का शरीर मिला और पूरे प्रदेश का कार्यभार आपके हाथ में आया. जब अगला जन्म हो, अच्छा कर्म करें. मनुष्य जन्म 84 लाख योनियों के बाद मिलता है. भगवान का स्मरण करते रहना चाहिए.
वहीं, पत्नी डिंपल वर्मा ने कहा कि परिवार है, बेटी है। बेटी का विवाह करना है। इस पर प्रेमानंद महाराज ने कहा कि ये सेवा भी भगवान की सेवा है। भगवान ही परिवार की सेवा के रूप में आए हुए हैं। ऐसा मान करके प्रयास करो। भगवान ने उसका पति पहले से ही निश्चित कर दिया है। बस, हमें खोजना है। ये तो करते ही रहिए और भगवान का सुमिरन करते रहिए।
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि हमारे मनुष्य जीवन का जो अंतिम फल है, वह यह है कि जब हमारा शरीर छूटे तो वह भगवान की स्मृति में छूटे। प्रशांत कुमार से प्रेमानंद महाराज ने कहा कि भगवान ने आपको सबकुछ दिया है, अब एकांत में भगवान का चिंतन जितना कर सकें, उतना श्रेष्ठ रहेगा। भगवान के स्मरण से ही सभी विपत्तियां दूर हो जाती हैं. हम देखते हैं इसी जन्म को सजाने में चिंतन करते रहते हैं. हम यह नहीं सोच पाते कि जब हमारा शरीर त्यागेगा तो हम अगले जन्म में क्या होंगे. जब तक जीव ईश्वर से नहीं मिल जाता तब तक उसका आवागमन चक्र चलता रहता है. हमें अगले जन्म का भी विधान देखना है. इस जन्म में भगवान ने परिवार के साथ रहने का विधान बना दिया.