Friday, April 12

मुख्यमंत्री जी उच्चाधिकारी तो कर रहे हैं सुधार के प्रयास, पावर कारपोरेशन के एसडीओ एक्सईन सुधरने को तैयार नहीं, जर्जर तार बिजली के खंभे बन सकते हैं बड़ी दुर्घटना का कारण, काम न करने वालों को दी जाए समय से पहले सेवानिवृति

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विभिन्न कारणों से बढ़ती गर्मी उमस से परेशान नागरिकों को राहत पहुंचाने के लिए नियमित विद्युत आपूर्ति बनी रहे इसके लिए सीएम के मार्गदर्शन में प्रदेश के उर्जा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी निरंतर प्रयास कर रहे हैं ऐसा दिखाई और खबरों से पता चलता है। सरकार इस बारे में बजट और जरूरी सुविधाएं और आवश्यकताएं पावर कारपोरेशन से संबंध हर संभव पूरी करने का प्रयास कर रही है। तो पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष आईएएस डॉ. आशीष गोयल रात और दिन सक्रिय हैं और दिशा निर्देश निरंतर अफसरों को दे रहे हैं। विभाग के मंत्री और सीएम की योजनाओं को लागू कराने के लिए हर संभव प्रयास इनके द्वारा किया जा रहा है तो मेरठ पावर कारपोरेशन की एमडी चैत्रा वी सहित तमाम प्रबंधक मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को चेताने की तो कोशिश कर रहे बताए जाते हैं। और बिजली के कारण जो दुर्घटनाएं हो रही है उन्हें रोकने के लिए सहयोग करें। मगर जेसा की उपभोक्ताओं से पता चलता है उससे यह लगता है कि एसडीओ और इंजीनियर आदि उतनी जिम्मेदारी से अपने कार्यों को पूरा करने का प्रयास नहीं कर रहे हैं जितना करना चाहिए। कुछ लोगों का तो कहना है कि काम करने की बजाय यह छुटिटयां मनाने में ज्यादा समय लगा रहे हैं। सीएम के आदेशों के बावजूद उपभोक्ताओं के फोन नहीं सुनते। और विभाग के ठेकेदार से इनकी कितनी मिलीभगत हो सकती है इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि बताए गए कार्यों को वो हवा में उड़ा देते है। ऐसा नगारिकों का कहना है।
कहीं फाल्ट हो रहे हैं तो कहीं बिजली के तार और खंभे टूटने की स्थिति मंे पहुंच गए हैं। जिससे पहले से ही अनियमित विद्युत आपूर्ति पूरी तौर पर बंद हो जाती है और नागरिक परेशानियों का सामना करते रहते हैं। अधिकारियों की लापरवाही से कावंड मेले के दौरान राली चौहान में जो हुआ वो कोई भूला भी नहीं था कि मवाना में बिजली लाइन के चक्कर में एक व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी। तो बीती 28 तारीख को गणपति विसर्जन यात्रा के दौरान मेडिकल थाना क्षेत्र में लख्मी विहार में विद्युत पोल टूट गया। तो बुलंदशहर के शेरपुर गांव में जर्जर एचटी का तार टूटकर गिर गया जिससे 33 साल के विपिन कुमार काल के गाल में समा गए। आम आदमी गर्मी में विद्युत कटौती से कितना परेशान है यह तो मुक्तभोगी ही महसूस कर सकता है लेकिन आए दिन बिजली विभाग के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन को देखकर यह कहा जा सकता है कि किस प्रकार पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी अपने कार्य के प्रति लापरवाह हैं और उनके कारण नागरिकों को कितनी परेशानी हो रही है। सरकार भी इनकी कारगुजारियों को सीएम के आदेशों का पालन करनहीं कर रहे हे।। इसके कारण इन्हें उच्च अधिकारियों को पता होने के बाद भी बिजली के टेढ़े खंबो को सुधारने जर्जर तारों से कभी भी कोई घटना राली चौहान जैसी हो सकी है है इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री जी आम आदमी के जान माल को बिजली विभाग के नुकसान से रोकने लिए एसडीओ और एक्सईएन की कार्यप्रणाली में सुधार कराया जाए। वरना इन्हें समय से पहले सेवानिवृति दी जाए। क्योंकि जब यह काम करने को तैयार नही है तो सुविधाएं भोगने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए। सराकर आम आदमी के खून पसीने के टैक्स से जो वेतन इन्हें द रही है वो दफ्तरों में बैठकरर या सांठ गांठ कर लाभ कमाने के लिए नहीं है। मुझे लगता है कि उपभोक्ताओं की बातों से हर कोई सहमत होगा।

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