मेरठ, 22 अप्रैल (प्र)। दौराला थाना क्षेत्र से सटे इलाके में रुड़की रोड स्थित एक निजी अस्पताल की कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। कल्याणपुर निवासी नीरज कुमार ने आरोप लगाया है कि उनके पिता वेद प्रकाश शर्मा के ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने बीच में ही हाथ खड़े कर दिए और बिना इला पूरा किए उन्हें छोड़ दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 अप्रैल को वेद प्रकाश के पेट में तेज दर्द होने पर परिजन उन्हें रुड़की रोड स्थित टोल प्लाजा के निकट आर्यावर्त अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉ. मलय शर्मा ने जांच के बाद कहा कि पित्त की थैली में पथरी है और तत्काल ऑपरेशन करना पड़ेगा। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने इसे सामान्य और छोटा ऑपरेशन बताते हुए आश्वस्त किया। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे ऑपरेशन शुरू किया गया। जिसमें डॉ. विवेक बंसल को भी बुलाया गया। आरोप है कि ऑपरेशन के बीच में ही डॉ. विवेक बंसल ने हाथ खड़े करते हुए कहा कि वह यह सर्जरी पूरी नहीं कर सकते।
यह सुनकर परिजनों के होश उड़ गए। पीड़ित परिवार का कहना है कि डॉक्टरों ने बिना पथरी निकाले ही वेद प्रकाश के पेट पर 10 से 15 टांके लगाकर ऑपरेशन अधूरा छोड़ दिया और उन्हें अन्य अस्पताल ले जाने को कह दिया । उस समय मरीज बेहोशी की हालत में था, जिसे तत्काल शिफ्ट करना संभव नहीं था। घटना से आक्रोशित परिजनों ने डायल 112 पर शिकायत दर्ज कराई और बाद में दौराला थाने पर दोनों चिकित्सकों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस संबंध में दौराला प्रभारी निरीक्षण सुमन सिंह का कहना है कि मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। गहनता से जांच की जाएगी। जांच के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी मेरठ को लिखा जाएगा। ऑपरेशन सही हुआ या गलत यह जांच करना चिकित्सा विभाग का काम है। जांच पूरी होने के बाद ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ऑपरेशन या खिलवाड़?
थाना क्षेत्र में एक निजी अस्पताल की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुजुर्ग मरीज के ऑपरेशन के नाम पर कथित लापरवाही का मामला सामने आने के बाद पीड़ित पक्ष ने अस्पताल संचालक डॉक्टर और ऑपरेशन करने वाले सर्जन के खिलाफ थाना दौराला में लिखित शिकायत दी है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने बिना पर्याप्त क्षमता और संसाधनों के ही बुजुर्ग का ऑपरेशन शुरू कर दिया, जिससे मरीज की हालत बिगड़ गई। घटना के बाद से परिवार में आक्रोश है और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि डॉक्टर ऑपरेशन करने में सक्षम नहीं थे, तो आखिर उन्होंने बुजुर्ग मरीज का पेट चीरने का जोखिम क्यों उठाया? अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग ऐसे लापरवाह अस्पतालों पर कब तक शिकंजा कसता है, या फिर मरीजों की जिंदगी से यूं ही खिलवाड़ होता रहेगा।
ऑपरेशन के बीच में ही डाक्टरों ने छोड़ा मरीज, परिजनों ने किया हंगामा
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