मेरठ 09 मार्च (प्र)। मेरठ स्थित शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के 80 दुकानदारों के चेहरों पर लंबे समय से चली आ रही चिंता की लकीरें अब खुशी में बदल गई हैं। आवास विकास लखनऊ से प्राप्त एक महत्वपूर्ण पत्र के बाद, इन दुकानदारों को नई शमन नीति के तहत अपने व्यावसायिक भूखंडों को नियमित करने का अवसर मिला है। बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद व्यापारियों में उत्साह का माहौल है।
यह राहत नई भवन निर्माण एवं विकास उप विधि के अंतर्गत प्रदान की गई है। वास्तुविद नगर नियोजक की ओर से जारी किए गए पत्र को धरनास्थल पर व्यापारियों को पढ़कर सुनाया गया, जिससे उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस नीति के तहत, दुकानदारों को कुछ शर्तों को पूरा करना होगा, जिसमें सेटबैक छोड़ना और 36,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर की राशि जमा करना शामिल है। इस भुगतान के बाद वे अपने भूखंडों को व्यावसायिक उपयोग के लिए नियमित करा सकेंगे।
यह नीति सेंट्रल मार्केट के उन 80 दुकानदारों के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आई है, जिनके निर्माण वर्षों से अनियमित थे। नई शमन नीति उन्हें अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कानूनी रूप से वैध बनाने का मार्ग प्रशस्त करती है। यह कदम न केवल दुकानदारों को सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि क्षेत्र के व्यावसायिक विकास को भी गति देगा।
हालांकि, दुकानदारों को यह भी ध्यान रखना होगा कि उन्हें निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा, जिसमें सेटबैक छोड़ना और निर्धारित शुल्क का भुगतान करना शामिल है। यह उम्मीद की जा रही है कि इस पहल से सेंट्रल मार्केट में व्यावसायिक गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा मिलेगा और व्यापारियों को एक सुरक्षित और कानूनी ढांचा मिलेगा। इसके अलावा ध्वस्तीकरण के दायरे में आ रहे बाकी दुकानदारों के लिए भी उम्मीद की किरण जागी है।
एक माह में जमा करना होगा भू उपयोग परिवर्तन शुल्क
परिषद की तरफ से दिए गए नोटिस में आवेदकों को एक माह के अंदर भू उपयोग परिवर्तन शुल्क 36 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से पंजाब नेशनल बैंक शास्त्रीनगर शाखा में जमा कराना होगा। अगर निर्धारित समय के अंदर धनराशि जमा नहीं हुई तो नियमानुसार ब्याज देय होगा।
