Thursday, June 13

सांसद की अध्यक्षता में गठित हो निगरानी समिति, दस साल हो सौन्दर्यकरण हुए चौराहों व सड़कों की उम्र, गुणवत्ता से युक्त बने सड़कें

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यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जी द्वारा सरकार की नागरिकों को सभी सुविधाऐं उपलब्ध कराने की मंशा के तहत चलाई जा रही योजनाओं और विकास कार्यों के लिए भरपूर बजट दिया जाता है। पिछले कुछ वर्षों में ये देखने और सुनने में आ रहा है कि आम आदमी के खून पसीने की टैक्स के रूप में मिलने वाली कमाई जो बजट के रूप में जनपदों में संबंधित विभाग के अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाती है उसका सदउपयोग कम तथा सौन्दर्यकरण और विकास के नाम पर दुउपयोग होना चर्चाओं में आता है।
क्योंकि आये दिन मीडिया में पाठकों को आये दिन पढ़ने और सुनने को मिलता है कि आज फलां चौराहे का सौन्दर्यकरण का उद्घाटन हुआ तो कभी शहर को स्मार्ट सिटी बनाने या विश्व स्तरीय सुविधाऐं उपलब्ध कराने हेतु प्राईवेट एंजेसियां तैनात की गई और इनको काफी मोटी रकम का भुगतान भी होता है। ऐसा हमेशा सुनने को मिलता रहा है।
कुछ दशक पूर्व दिल्ली से प्रकाशित नवभारत समाचार पत्र में एक खबर पढ़ी थी कि मध्य प्रदेश के जबलपुर में कलैक्टर साहब ने एक तालाब खुदवाया और जब दूसरे कलैक्टर आये तो उन्होंने संबंधित सहयोगियों से पूछा इसकी क्या जरूरत थी। वो बोला उन्होंने खुदवाया था आप बंद करा दीजिए। बताते है उस समय जनहित के लिए आया काफी पैसा इस पर खर्चा हुआ लेकिन आम आदमी को फायदे के नाम पर इस मामले में सिर्फ छुनछुना ही हाथ आया।
ऐसा ही आजकल अपने यूपी के शहर देहांत गांवों में देखने व सुनने को मिल रहा है। आज विभिन्न चौराहों के सौन्दर्यकरण की नींव रखी जाती है कुछ दिनों बाद उसका उद्घाटन होता है। और कुछ ही समय बाद जब दूसरा अधिकारी आता है तो उनके स्थान पर नया सौन्दर्यकरण का काम कराने या किये गये काम को कम या ज्यादा किये जाने के लिए उसमें तोड़फोड़ की जाती है इसी प्रकार फाईलों में योजनाऐं बनती और स्वीकृत होती है और बाद में उन्हीं में बंद होकर रह जाती है। लेकिन इस क्रम में विभाग का काफी पैसा जो आम आदमी की सुविधाओं के लिए आया था वो इन्हीं में खर्च हो जाता है। और ये हाल किसी एक जगह नहीं हर महानगर जनपद व कस्बा मुख्यालयों पर होने की बात सामने आती है।
अभी कुछ दिन पूर्व यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा सड़कों की खस्ताहाल स्थिति और उन पर भरपूर खर्च होने की बात को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिये थे कि जो भी सड़क बनेगी या गड्ढामुक्त होगी उसकी देखभाल का जिम्मा बनाने वाले ठेकेदार या एंजेंसी का होगा।
मेरा मानना है कि जनहित के कार्यों के लिए आये पैसों की बर्वादी को रोकने के लिए और जो कार्य सौन्दर्यकरण के हुए कुछ समय तक जनता उनका लाभ उठा सके कम से कम दस साल से पूर्व सौन्दर्यकरण के नाम पर एक ही जगह और काम पर बार बार पैसा खर्च न हो इसलिए चाहे चौराहों का सौन्दर्यकरण हो या योजनाओं का विकास वो इतने गुणवत्तायुक्त होने चाहिए कि दस साल तक उनमें नयापन और उनकी सुन्दरता बनी रहे और कोई भी किसी भी विभाग का अफसर विकास और सौन्दर्यकरण के नाम पर उन्हें तुड़वाने की कोशिश न करे ऐसी योजनाओं और नियम लागू करते हुए शासन को हर जनपद में सांसद की अध्यक्षता में विधायक विभिन्न पार्टियों के अध्यक्षों पत्रकार अधिवक्ता अग्रणी नागरिकों को रखकर एक निगरानी समिति बनाई जाए जिससे जनता के पैसा के सदुउपयोग हो सके और कोई भी हुकुरान उसे अपनी सनक की भेंट न चढ़ा पाए इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए।

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