Friday, August 29

दस लाख की घूसखोरी में नारकोटिक्स का एक इंस्पेक्टर बर्खास्त, दो निलंबित

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लखनऊ 28 अगस्त। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने प्रतिबंधित दवा ‘कोडीन सिरप’ के मामले में केमिस्ट एसोसिएशन बाराबंकी के जिलाध्यक्ष संतोष जायसवाल और देवा ब्लॉक अध्यक्ष सुनील जायसवाल को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पदाधिकारियों ने देवा नर्सिंग होम संचालक गयासुद्दीन से मामले को रफा-दफा कराने का ठेका लिया था। इन पर दलाली का आरोप भी है।
मामले में आरोपी सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) के 1 इंस्पेक्टर को बर्खास्त और 2 को निलंबित कर दिया गया है। CBI सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूरे नेटवर्क को खंगालने की तैयारी कर रही है।

लखनऊ में 26 जुलाई को सीबीएन टीम ने अमीनाबाद की ओल्ड मेडिसिन मार्केट स्थित एक गोदाम में छापेमारी कर करीब 20 लाख टैबलेट्स और 5700 कोडीन सिरप की बोतलें बरामद की थीं। बरामद खेप और दस्तावेज के आधार पर फार्मा कंपनियों से जुड़े लेन-देन की जांच के दौरान नाम जोड़ने और हटाने नाम पर सीबीएन के इंस्पेक्टरों ने रिश्वत का खेल शुरू कर दिया था।

इंस्पेक्टरों को इन फार्मा कंपनियों से बाराबंकी के देवा नर्सिंग होम से भी लेन-देन की जानकारी मिली थी। देवा नर्सिंग होम के मालिक गयासुद्दीन अहमद का मामले से नाम हटाने के नाम पर सीबीएन के इंस्पेक्टरों ने 10 लाख रुपए में डील की थी।
इस पर CBI अधिकारियों ने सीबीएन के इंस्पेक्टरों की ट्रैकिंग और मामले की गोपनीय तरीके से पड़ताल शुरू की। जिसके बाद CBI ने सीबीएन के इंस्पेक्टर महिपाल सिंह और रवि रंजन के कॉल डिटेल खंगाले। कॉल डिटेल से गयासुद्दीन अहमद से उनकी लगातार बातचीत की पुष्टि हुई।

गयासुद्दीन ने इंस्पेक्टरों से केस से नाम हटाने के लिए 10 लाख देने का वादा किया। 26 अगस्त की तारीख तय होते ही CBI ने ट्रैप ऑपरेशन प्लान किया। 26 अगस्त यानी मंगलवार को जैसे ही सीबीएन के इंस्पेक्टर महिपाल और रवि रंजन ने गयासुद्दीन से 10 लाख रुपए लिए CBI टीम ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया।

मौके से रिश्वत की रकम बरामद की गई। पूरी प्रक्रिया वीडियोग्राफ की गई। गिरफ्तारी के बाद दोनों इंस्पेक्टरों से रातभर पूछताछ की गई। इसके बाद सीबीएन के एक अन्य इंस्पेक्टर आदेश योगी को भी गिरफ्तार किया गया। सीबीआई इन सभी से पूछताछ कर रही है।

जांच में सामने आया कि नारकोटिक्स इंस्पेक्टर महिपाल सिंह, रवि रंजन और आदेश योगी नर्सिंग होम को क्लीन चिट देने के लिए 10 लाख रुपए की डिमांड कर रहे थे। महिपाल को प्रोबेशन अवधि में होने के कारण बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि रवि रंजन और आदेश योगी को निलंबित कर दिया गया।
CBI सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद अब तीनों निरीक्षकों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है।

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